
जब सचिन तेंदुलकर ने पृथ्वी शॉ को कहा - "कोच के कहने पर भी कभी भी अपने तकनीक में बदलाव नहीं करना"
नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के अगले दो मैचों के लिए भारतीय टीम में पृथ्वी शॉ और हनुमा विहारी को चुना गया है। पृथ्वी को सलामी बल्लेबाज मुरली विजय की जगह जबकि हनुमा विहारी को कुलदीप यादव के स्थान पर टेस्ट टीम में जगह मिली है। इन दोनों युवा क्रिकेटरों ने पिछले दिनों क्रिकेट में जोरदार प्रदर्शन का मुजाहिरा पेश किया है। जिसका फायदा उन्हें मिला है। हालांकि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम की अंतिम एकादश में मौका मिलना काफी मुश्किल दिख रहा है। फिर भी टेस्ट टीम में शामिल किया जाना बड़ी उपलब्धि होती है।
भारत के दूसरे सचिन कहे जाते हैं पृथ्वी-
18 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप, आईपीएल और उसके बाद इंग्लैंड में इंडिया ए की ओर से कई यादगार पारियां खेली। जो उनके चयन को मजबूत बनाता है। पृथ्वी शॉ की तकनीक और शैली को देखते हुए उन्हें भारत का दूसरा सचिन तेंदुलकर कहा जा रहा है। खुद सचिन भी कई बार पृथ्वी की तारीफ कर चुके है। पृथ्वी के भारतीय टेस्ट टीम में शामिल होने वाले पृथ्वी को सचिन तेंदुलकर ने बहुत पहले एक खास सलाह दी थी।
सचिन ने दी थी ये बड़ी सलाह-
बताते चले कि भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने पृथ्वी की प्रतिभा को आठ साल की उम्र में ही पहचान लिया था। तब सचिन ने पृथ्वी के बारे में कहा थी कि कभी भी अपनी नेचुरल तकनीक को नहीं बदलना। तेंदुलकर ने अब अपने एप '100 एमबी' पर कहा कि मैंने उसे कहा था कि भविष्य में उसके कोच उसे जितने भी निर्देश दें, वह अपनी ग्रिप या स्टांस नहीं बदले। अगर कोई तुम्हें ऐसा करने के लिए कहे तो उसे कहना कि वह मेरे से बात करे। कोचिंग देना अच्छा होता है लेकिन किसी खिलाड़ी में अत्याधिक बदलाव करना नहीं।
मित्र की सलाह पर देखी थी पृथ्वी की बल्लेबाजी-
साथ ही सचिन तेंदुलकर ने कहा कि लगभग 10 साल पहले मेरे एक मित्र ने मुझे युवा पृथ्वी को खेलते हुए देखने को कहा। उसने मुझे कहा कि मैं उसके खेल का आंकलन करूं और उसे कुछ सलाह दूं। मैंने उसके साथ सत्र में हिस्सा लिया और खेल में सुधार के लिए कुछ चीजें बताई। आज पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े उभरते हुए सितारे है।
Updated on:
24 Aug 2018 12:43 pm
Published on:
24 Aug 2018 12:41 pm
