Sanjeev Chawla ने दावा किया कि क्रिकेट का कोई भी मैच निष्पक्ष नहीं होता। आप जो भी मैच देखते हैं, वह सब फिक्स होता है।
नई दिल्ली : ग्लोबल क्रिकेट सट्टेबाज संजीव चावला (Global Match Fixer Sanjeev Chawla) को करीब दो दशक के बाद इस साल 13 फरवरी को दिल्ली लाया गया था। आज ही के दिन एक जून को क्रिकेट का जो सबसे बड़ा मैच फिक्सिंग कांड सामने आया था, उसमें भी संजीव चावला की संलिप्तता बताई जाती है। इस कांड ने पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था और दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोन्ये (Hansie Cronje) और हर्शेल गिब्स (Herschelle Gibbs) जैसे दिग्गज क्रिकेटरों को आजीवन प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। अब इस सट्टेबाज ने ऐसा दावा किया है, जो सबको हैरान करने वाला है।
हर मैच होता है फिक्स
संजीव चावला ने दावा किया कि क्रिकेट का कोई भी मैच निष्पक्ष नहीं होता। आप जो भी मैच देखते हैं, वह सब फिक्स होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें अंडरवर्ल्ड माफियाओं की भी संलिप्तता होती है। संजीव चावला ने यह भी बताया कि क्रिकेट मैच कुछ-कुछ ऐसा है, जैसे फिल्मों की पटकथा पहले से तय होती है और उसे निर्देशित किया जाता है।
संजीव ने कहा, ज्यादा नहीं बोलेंगे वह
संजीव चावला ने यह भी कहा कि वह मैच फिक्सिंग (Match Fixing) के बारे में ज्यादा नहीं बताएगा, क्योंकि इसमें एक बहुत बड़ा सिंडिकेट/अंडरवर्ल्ड माफिया लगा है और इसमें बेहद खतरनाक लोग शामिल हैं। अगर इस बारे में वह कुछ बोलेगा तो वह उसे मार देंगे।
इन मामले में थी तलाश
2000 में 16 फरवरी और 20 मार्च को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa Cricket Match) के मैच फिक्स करने के लिए दिल्ली पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका टीम के कप्तान दिवंगत हैंसी क्रोन्ये और पांच अन्य के खिलाफ 2013 में चार्जशीट दायर की थी। दिल्ली पुलिस ने इस चार्जशीट में दिवंगत हैंसी क्रोन्ये, सट्टेबाज संजीव चावला, मनमोहन खट्टर, दिल्ली के राजेश कालरा और सुनील दारा सहित टी सीरीज के मालिक के भाई कृष्ण कुमार को आरोपी बनाया था। इसके बाद से पुलिस संजीव चावला को भारत लाने का प्रयास कर रही थी।