
सौरभ नेत्रावलकर। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Saurabh Netravalkar Biography: भारतीय मूल के क्रिकेटर सौरभ नेत्रावलकर इन दिनों गूगल पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। क्रिकेट प्रेमी उनके बारे में जानने के लिए लगातार सर्च कर रहे हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि अमेरिका की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले नेत्रावलकर कभी भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं। क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ नेत्रावलकर का जन्म 16 अक्टूबर 1991 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान क्रिकेट की ओर था। जूनियर स्तर पर उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2008-09 की कूच बिहार ट्रॉफी में 6 मैचों में 30 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने उन्हें भारत की अंडर-19 टीम तक पहुंचा दिया।
नेत्रावलकर 2010 में खेले गए अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उस टीम में केएल राहुल (KL Rahul), जयदेव उनादकट, मयंक अग्रवाल, हर्षल पटेल, संदीप शर्मा और हरमीत सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे। बाद में हरमीत सिंह भी अमेरिका की राष्ट्रीय टीम से जुड़े। इसके अलावा सौरभ ने 2013-14 सीजन में मुंबई की ओर से कर्नाटक के खिलाफ अपना एकमात्र फर्स्ट क्लास मुकाबला भी खेला।
क्रिकेट के साथ-साथ सौरभ पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिलने के बाद वह अमेरिका चले गए। वहां उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। उन्होंने एक क्रिकेट APP भी डिजाइन किया और बाद में ओरेकल कंपनी में नौकरी शुरू की।
अमेरिका जाने के बाद भी सौरभ ने क्रिकेट से दूरी नहीं बनाई। वेस्टइंडीज (West Indies) के कोच लॉयड जोडा ने उनकी गेंदबाजी देखकर उन्हें विभिन्न क्रिकेट क्लबों से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने दोबारा गंभीरता से क्रिकेट खेलना शुरू किया। सौरभ दिन में सुबह से शाम तक नौकरी करते थे और उसके बाद नियमित रूप से क्रिकेट की ट्रेनिंग लेते थे। यही समर्पण उन्हें अमेरिका की राष्ट्रीय टीम तक ले गया।
सौरभ नेत्रावलकर ने सिर्फ अमेरिका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही नहीं खेला, बल्कि टीम की कप्तानी भी की। उन्होंने वेस्टइंडीज में आयोजित रीजनल सुपर-50 टूर्नामेंट (Regional Super-50 Tournament) और 2018 आईसीसी वर्ल्ड क्रिकेट लीग डिवीजन-3 (ICC World Cricket League Division 3) टूर्नामेंट में अमेरिका की राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया। भारत से अमेरिका तक का उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि जुनून और मेहनत के दम पर अलग-अलग क्षेत्रों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
Updated on:
10 Jul 2026 10:05 am
Published on:
10 Jul 2026 10:03 am
