शाकिब ने कहा कि उन्होंने इन संपर्कों को बहुत हल्के में लिया था। जब वह आईसीसी के भ्रष्टाचार रोधी अधिकारी (Anti Corruption Officer) से मिले, तब उन्होंने सबकुछ बता दिया, जो उन्हें पता था। इसके अलावा उन्होंने इसके सभी साक्ष्य भी दिए। शाकिब ने बताया कि जब वह अधिकारी से मिले तो उन्हें सब पहले से ही पता था। शाकिब ने कहा कि ईमानदारी से कहें तो यही इकलौता कारण है कि उन्हें सिर्फ एक साल के लिए प्रतिबंधित किया गया। नहीं तो 5-10 साल का प्रतिबंध भी लग सकता था।