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शेन वार्न का मास्टरस्ट्रोक, IPL कॉन्ट्रैक्ट में जोड़ा था ऐसा क्लौज, परिवार को इस वजह से मिलेंगे 450 करोड़ से ज्यादा रुपये

वॉर्न ने फ्रेंचाइजी के साथ चार सीजन बिताए। इस हिसाब से उनकी राजस्थान रॉयल्स में 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई। अब जब टीम 1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर में बेची गई है, तो वॉर्न की हिस्सेदारी का रकम तकरीबन 450-460 करोड़ रुपये हो गया है।

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भारत

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Siddharth Rai

Mar 25, 2026

Shane Warne Rajasthan Royals stake becomes INR 460 crore

राजस्‍थान रॉयल्‍स के प्रैक्टिस सेशन के दौरान शेन वॉर्न। (फाइल फोटो सोर्स: IANS)

Shane Warne, Rajasthan Royals Sale, IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) को अमेरिकी मूल के बिजनेसमैन काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 1.63 अरब डॉलर (करीब 15,290 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है। रॉयल्स के बिकने से दिवंगत क्रिकेटर शेन वार्न के परिवार को बड़ा फायदा होने वाला है।

शेन वार्न का मास्टरस्ट्रोक

2008 में राजस्थान रॉयल्स को चैम्पियन बनाने वाले कप्तान वार्न के कांट्रैक्ट में एक एक ऐसा क्लॉज शामिल था। जिसका फायदा अब उनके परिवार को होने वाला है। फ्रेंचाईजी ने वार्न को क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया था। इसके अलावा उन्हें टीम के लिए खेले गए प्रत्येक वर्ष के लिए 0.75 प्रतिशत स्वामित्व हिस्सेदारी दी गई थी।

परिवार को मिलेंगे करीब 450-460 करोड़ रुपये

शेन वॉर्न ने एक बार 'द हेराल्ड सन' को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया था, 'मेरे डील का हिस्सा यह था कि उन्होंने मुझसे कप्तान, कोच बनने और अपनी मर्जी से एक क्रिकेट टीम चलाने के लिए कहा। यह एक 'वन-स्टॉप शॉप' था।' वॉर्न ने फ्रेंचाइजी के साथ चार सीजन बिताए। इस हिसाब से उनकी राजस्थान रॉयल्स में 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई। अब जब टीम 1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर में बेची गई है, तो वॉर्न की हिस्सेदारी का रकम तकरीबन 450-460 करोड़ रुपये हो गया है।

हर्षा भोगले ने की राजस्थान के बिकने की पुष्टि

रॉयल्स के बिकने की पुष्टि मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की। हर्षा ने लिखा, "राजस्थान रॉयल्स 1.63 बिलियन डॉलर में बिक गई है। तुलना के लिए, लंदन स्पिरिट, जो सबसे महंगी टीम थी, उसकी वैल्यूएशन 'द हंड्रेड' में हिस्सेदारी बिक्री के समय 370 मिलियन डॉलर थी।"

राजस्थान रॉयल्स में अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी की पहले से ही कुछ हिस्सेदारी थी। पिछले 15 से ज्यादा वर्षों में, उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, एआई गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक पर केंद्रित कई उद्यमों की शुरुआत की है। खेलों से उनके जुड़ाव में मोटर सिटी गोल्फ क्लब की सह-मालिकाना हक और टीमएमआरडब्ल्यू स्पोर्ट्स और जीजीएल गोल्फ लीग जैसे बिजनेस में शुरुआती दौर का निवेश भी शामिल है।

'एनडीटीवी प्रॉफिट' की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा हो चुका है। उम्मीद है कि आईपीएल 2026 के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यह अधिग्रहण 2026 के टूर्नामेंट के बाद पूरा होगा। इस कंसोर्टियम को वॉलमार्ट परिवार के रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार का भी समर्थन प्राप्त है, जिनके पास डेट्रॉइट लायंस का बहुमत मालिकाना हक है। इसके अलावा, फोर्ड परिवार की सदस्य शीला फोर्ड हैम्प भी इस समूह से जुड़ी हुई हैं।

RCB की टीम भी बिकी

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), जो फिलहाल बिक्री के लिए उपलब्ध है, उसके सौदे के भी जल्द पूरा होने की संभावना है। आरसीबी को खरीदने में जिन पक्षों ने रुचि दिखाई है, उनमें ब्लैकस्टोन, आदित्य बिड़ला समूह और डेविड ब्लिट्जर की साझेदारी शामिल है। इसके अलावा रंजन पाई के नेतृत्व वाला मणिपाल कंसोर्टियम (जिसमें कोहलबर्ग क्रैविस रॉबर्ट्स और टेमासेक शामिल हैं) भी दौड़ में है। स्वीडन की प्राइवेट इक्विटी फर्म ईक्यूटी भी इस रेस में मौजूद है।

इससे पहले, 'स्टेट ऑफ प्ले' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नौ पक्षों ने 1 अरब डॉलर से लेकर 1.8 अरब डॉलर तक की बोलियां लगाई हैं। यह दिखाता है कि आरसीबी फ्रेंचाइजी को लेकर काफी गंभीर रुचि है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के मालिक ग्लेजर ब्रदर्स की बोली भी सबसे ऊंची बोली लगाने वालों में मानी जा रही है। जनवरी में, फार्मा टायकून अदार पूनावाला ने कहा था कि वह आरसीबी का मालिकाना हक हासिल करने के लिए एक 'मजबूत और प्रतिस्पर्धी' बोली लगाएंगे।