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वैभव सूर्यवंशी को लेकर गौतम गंभीर ने बेवकूफी की, पूर्व भारतीय सिलेक्टर श्रीकांत ने हेड कोच को लिया आड़े हाथ

Srikkanth on Gautam Gambhir: इंग्‍लैंड में तीन मैच खिलाफ आखिरी मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने के फैसले को लेकर पूर्व सिलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर को आड़े हाथ लिया है। उन्‍होंने कहा कि गंभीर ने बेवकूफी में वैभव का कॉन्फिडेंस तोड़ने का काम किया था।
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भारत

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lokesh verma

Jul 25, 2026

Gautam Gambhir

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: IANS)

Srikkanth on Gautam Gambhir: वैभव सूर्यवंशी ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ भारतीय टी20 टीम में वापसी करते ही अपने विस्‍फोटक अंदाज में अपना पहला अंतरराष्‍ट्रीय अर्धशतक जड़ा। इसके साथ ही वह T20I में पहला अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। भारत के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इंग्‍लैंड के खिलाफ सिर्फ तीन बार फेल होने के बाद वैभव को बाहर करने के फैसले पर हैरानी जताते हुए हेड कोच गौतम गंभीर पर निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा कि गंभीर ने बेवकूफी में उसे तीन बार फेल होने के बाद उसका कॉन्फिडेंस तोड़ने के लिए कैसे बाहर कर दिया?

बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान तीन मैचों में 14, 13 और 15 रन बनाए थे। इसके बाद उन्‍हें 5वें और आखिरी टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। मैनेजमेंट ने उनकी जगह फिर से संजू सैमसन को वापस ले लिया। इसके बाद सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया।

गौतम गंभीर ने बेवकूफी में वैभव सूर्यवंशी का कॉन्फिडेंस तोड़ा

श्रीकांत स्पोर्ट्सकीड़ा के हवाले से अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि वैभव सूर्यवंशी शॉट्स की रेंज बहुत आसान है। फिर भी, एक भी शॉट क्रॉस-बैट नहीं हुआ। यह लड़का सच में कुछ खास है। गौतम गंभीर ने बेवकूफी में उसे तीन बार फेल होने के बाद उसका कॉन्फिडेंस तोड़ने के लिए कैसे बाहर कर दिया? बता दें कि गंभीर के जिम्बाब्वे दौरे पर टीम के साथ नहीं होने की वजह से भारत के पूर्व बल्‍लेबाज वीवीएस लक्ष्मण टीम के अंतरिम हेड कोच के तौर पर काम कर रहे हैं।

'वह घर नहीं, सीधे राजस्थान रॉयल्स कैंप चले गए'

श्रीकांत ने आगे कहा कि मैं वैभव को उनके डेडिकेशन के लिए सलाम करता हूं। इंग्लैंड सीरीज के बाद वह घर नहीं गए और सीधे राजस्थान रॉयल्स कैंप चले गए। वह शॉर्ट बॉल के खिलाफ अपनी बैटिंग पर काम कर रहे थे, क्योंकि वह पूरी दुनिया को साबित करना चाहते हैं कि वह खास हैं। श्रीकांत के मुताबिक, कई युवा खिलाड़ी लगातार कम स्कोर के बाद सुरक्षित रास्ता चुनते, लेकिन यह टीनएजर अपने अटैकिंग गेम के लिए कमिटेड रहा।

'18 गेंदों पर 50 रन बनाना उनके लिए बच्चों का खेल'

श्रीकांत ने कहा कि जिस आसानी से वह 250 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, वह कमाल का है। आम तौर पर तीन बार फेल होने के बाद दूसरे खिलाड़ी सिंगल और डबल लेकर इंडियन टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करते। लेकिन, वह नतीजों की चिंता किए बगैर बिना डरे खेले। 18 गेंदों पर 50 रन बनाना उनके लिए बच्चों का खेल हो गया है। यही उनकी महानता है।