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कोच गौतम गंभीर के बचाव में आया यह वर्ल्ड कप विनिंग दिग्गज, BCCI पर फोड़ा ठीकरा

भारत की अपने ही घर में टेस्ट में दो क्लीन स्वीप के बाद टीम के कोच गंभीर पर सवाल उठ रहे हैं। उनके बचाव में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने बयान दिया है। गावस्कर के अनुसार कोच सिर्फ टीम को तैयार कर सकता है, लेकिन बीच मैदान पर जाकर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के हाथ में है।

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भारत

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Siddharth Rai

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Madhur Milan Rao

Nov 27, 2025

Sourav Ganguly on Kuldeep Yadav

भारतीय कप्‍तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: IANS)

Sunil Gavaskar statement on Goutam Gambhir: भारत और दक्षिण अफ्रिका के बीच गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत 408 रन के विशाल अंतर से हार गया। टेस्ट में यह भारत की सबसे बड़ी हार है और इसी के साथ टीम इंडिया ने 2-0 से सीरीज भी गंवा दी। भारतीय टीम की इसी हार और टेस्ट में लगातार गिरते प्रदर्शन को लेकर अब टीम के कोच गौतम गंभीर आलोचकों के निशाने पर हैं। छोटे फॉर्मेट में उनकी कोचिंग में भारतीय टीम काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन खेल के इस बड़े प्रारूप में अपने ही घर में दो क्लीन स्वीप झेल चुकी है।

कई लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं, कुछ आलोचक भी भारत के टेस्ट में खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वही मैच के दौरान कुछ दर्शकों ने तो उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। कोच गंभीर की हो रही इसी आलोचना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर उनके बचाव में सामने आए हैं। गावस्कर ने कहा कि जब गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीते थे, तब लोगों ने उनकी तारीफ नहीं की। लेकिन अब सिर्फ घरेलू टेस्ट सीरीज हारने पर उनकी कोचिंग पर सवाल करना उनके साथ नाइंसाफी है।

कोच सिर्फ टीम को तैयार कर सकता है

गावस्कर ने गंभीर का बचाव करते हुए कहा कि एक कोच सिर्फ टीम को तैयार कर सकता है, लेकिन बीच मैदान पर जाकर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के हाथ में है। जो लोग 22 यार्ड्स पर खेलने जा रहे हैं, उनके प्रदर्शन के लिए कोच को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "जो लोग टेस्ट में हार के लिए गंभीर को जिम्मेदार मान रहे हैं, उनसे मेरा यह सवाल है कि आपने तब क्या किया था जब भारत ने उनके अंडर चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीते थे।" टेस्ट में अलग कोच की बात पर गावस्कर ने ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण देते हुए कहा कि टीमों को हर फॉर्मेट के लिए अलग कोच की जरुरत नहीं है। कोच पर सिर्फ टीम की हार पर ही आरोप लगाना गलत है।

तैयारी हो पुख्ता

गावस्कर ने कहा, "अगर हम टीमों की तैयारियों के बारे में बात करें तो पिछले साल के न्यूजीलैंड के भारत दौरे से पहले वह श्रीलंका के स्पिन पिचों पर खेलकर आई थी। इसी तरह दक्षिण अफ्रिका ने भी अक्टूबर में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेली थी। ये टीमें पूरी तैयारी के साथ भारत आई थी।"

दूसरी टीमें भारत से सीरीज खेलना चाहती हैं और उन्हें अपने यहां खेलने के लिए आमंत्रित करती है। इससे उनका रेवेन्यू बढ़ता है, भारत को यह चाहिए कि वे भी दूसरी टीमों को बोलें कि अगर आप हमारे खिलाफ खेलना चाहते हैं तो आप यहां आएं। जैसे ऑस्ट्रेलियन टीम अपने होम सीजन के दौरान कहीं भी नहीं जाती है, वैसे ही भारतीय टीम को भी अपने होम सीजन को महत्व देना चाहिए।

अगर किसी खिलाड़ी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए टेम्परामेंट और टेक्निक है, तो उसे टीम में मौका मिलना चाहिए। डोमेस्टिक में कई ऐसे खिलाड़ी है, जो इन्हीं स्पिन पिचों पर खेले हैं और उनके पास अनुभव भी है। उनके डोमेस्टिक में कई सारे रन भी है, ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

गावस्कर ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका अभी टेस्ट में वर्ल्ड चैंपियन है। उनकी नजर में न्यूजीलैंड से अपने घर में 3-0 से हारना, वर्ल्ड चैंपियन दक्षिण अफ्रीका से हारने से ज्यादा शर्मनाक था।