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IPL 2026: लगातार ड्रॉप हो रहे आसान कैच, होटल रूम और डगआउट में देखे गए बाहरी लोग… BCCI को फिर सता रहा फिक्सिंग का भूत!

IPL के मौजूदा सीजन में बार-बार आसान कैच छूट रहे है। कैच छूटना क्रिकेट में आम बात है, लेकिन जब बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया खुद कहते हैं कि टीम होटल, बस और डगआउट में अनधिकृत लोग घूम रहे हैं, तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।

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भारत

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Siddharth Rai

May 09, 2026

IPL 2026 RCB vs LSG Highlights

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स (फोटो- IANS)

BCCI worried about fixing in IPL 2026: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच साल 2000 में खेली गई वनडे सीरीज फिक्सिंग को लेकर आज तक विवादों में है। दरअसल, उस सीरीज के एक मैच में दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स को 20 रन से कम बनाने का सौदा तय हुआ था। लेकिन भारतीय फील्डरों ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। इस जीवनदान के बाद गिब्स ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच का पासा पलट दिया।

हैंसी क्रोनिए ने की थी फिक्सिंग

मैच समाप्त होने के बाद फिक्सरों ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए से नाराजगी जताई। इस पर क्रोनिए ने बचाव करते हुए कहा, “अगर भारतीय फील्डर ऐसे आसान कैच छोड़ेंगे तो गिब्स रन बनाएगा ही। अगर कैच पकड़ लिया जाता तो मैच ठीक वैसा ही घूम जाता जैसा हमने सौदा किया था।” क्रोनिए को इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि दिल्ली पुलिस उनके फोन टैप कर रही है और उनकी यह बात जल्द ही सार्वजनिक होने वाली है।

कैच छूटते हैं तो शक होता है

इस मैच फिक्सिंग कांड के बाद आज भी जब कोई प्रोफेशनल फील्डर आसान कैच छोड़ता है। खासकर ऐसा कैच जो आम आदमी भी आंख बंद करके पकड़ ले, तो मन में तुरंत शंका पैदा हो जाती है। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में ठीक यही नजारा बार-बार देखने को मिल रहा है। कैच छूटना क्रिकेट में आम बात है, लेकिन जब बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया खुद कहते हैं कि टीम होटल, बस और डगआउट में अनधिकृत लोग घूम रहे हैं, तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।

उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी, "टीम बस में अनधिकृत लोग सवार हो रहे हैं, होटल में घुस रहे हैं और डगआउट में भी ऐसे लोग दिख रहे हैं, जहां उन्हें होना नहीं चाहिए। 2008 से नियम बनाए हुए हैं, लेकिन लोग अब लापरवाह हो गए हैं। अब किसी भी उल्लंघन पर सख्ती से निपटा जाएगा।"

अनधिकृत लोग होटल, डगआउट और बस में घुसे

आईपीएल अब अपने बिजनेस एंड पर है और प्लेऑफ करीब आ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि ये अनधिकृत लोग कब से अंदर घुस रहे हैं? इन्हें अंदर आने दिया ही क्यों गया? और ये वहां क्या कर रहे थे? दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट शो और भारतीय क्रिकेट का ताज कहलाने वाला आईपीएल जब ऐसे सवालों के घेरे में आ जाता है, तो यह अच्छा संकेत नहीं है।

टी20 क्रिकेट, खासकर आईपीएल, बेहद छोटे मार्जिन का खेल है। यहां एक सच्ची गलती को भी लोग बड़ी साजिश मानने लगते हैं। फील्डर ने कैच छोड़ा तो तुरंत शक की नजर पड़ती है और खिलाड़ी की ईमानदारी पर सवाल उठने लगते हैं, खासकर तब जब बीसीसीआई के अधिकारी खुद नियमों की धज्जियां उड़ने की बात स्वीकार कर रहे हों।

आजकल बल्लेबाजी का मिजाज ऐसा हो गया है कि सावधानी को जगह ही नहीं मिलती। एक गेंद पर शानदार शॉट लग जाए तो हीरो, अगली गेंद मिस हो जाए तो लापरवाह और शक के दायरे में। गेंदबाजों की हालत भी कमोबेश यही है, एक-दो मिलीमीटर की जगह तय करती है कि गेंद डॉट बॉल बनेगी या वाइड। दो-तीन बार ऐसा हुआ तो कानाफूसी शुरू हो जाती है।

पिछले बड़े-बड़े क्रिकेट विवादों में हमेशा यही पैटर्न देखा गया है कि प्रतिबंधित जगहों पर अनचाहे लोग आसानी से घुस आए थे। 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बुकमेकर खिलाड़ियों के होटल कमरों तक में रह रहे थे, जो पुलिस चार्जशीट में साफ था।

कुछ साल पहले आईसीसी ने जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर वाले फिक्सिंग मामले की सुनवाई सार्वजनिक की थी। टेलर ने बताया था कि एक भारतीय बिजनेसमैन उन्हें अफगानिस्तान लीग में जगह और फिक्सिंग के बदले 15 हजार डॉलर ऑफर कर रहा था। बाद में भारत घुमाया, शराब-पार्टियां कराईं और फिर ब्लैकमेल किया।

बीसीसीआई का यह खुलकर कहना कि डगआउट तक अनधिकृत लोग पहुंच रहे हैं, बेहद गंभीर बात है। आईपीएल की साख और विरासत अब नजरिए और धारणा पर टिकी हुई है। शक का माहौल किसी भी लीग के लिए घातक होता है। उम्मीद है कि बीसीसीआई अब सख्ती से कार्रवाई करेगा, वरना ये छोटी-छोटी लापरवाहियां फिर किसी बड़ी कहानी का रूप ले सकती हैं।

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