क्रिकेट विश्व कपः पहली बार ट्रैकर डिवाइस पहनकर खेलेंगे भारतीय खिलाड़ी, जानें क्या है इसका फायदा और क्या नुकसान

क्रिकेट विश्व कपः पहली बार ट्रैकर डिवाइस पहनकर खेलेंगे भारतीय खिलाड़ी, जानें क्या है इसका फायदा और क्या नुकसान

Manoj Sharma Sports | Updated: 22 May 2019, 01:28:19 PM (IST) क्रिकेट

  • पहली बार वॉर्मअप मैचों का भी होगा लाइव प्रसारण।
  • जर्सी के अंदर ट्रैकर डिवाइस पहन खेलेंगे खिलाड़ी।
  • भारत में सात भाषाओं में होगा मैचों का प्रसारण।

नई दिल्ली। इंग्लैंड एंड वेल्स में इस बार आईसीसी वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन होने वाला है। 30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में इस बार काफी कुछ ऐसा होगा अब तक देखने को नहीं मिला था। क्रिकेट के इस सबसे बड़े महाकुंभ में इस बार तकनीक को लेकर तो कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे ही साथ ही और भी बहुत कुछ रोचक चीजें देखने को मिलेगी।

आइए आपको बताते हैं इस बार वर्ल्ड कप में आपको क्या कुछ नया देखने को मिलेगा।

पहली बार सभी वॉर्मअप मैचों का होगा लाइव प्रसारण-

वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब सभी वॉर्मअप मैचों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके पीछे आईसीसी की मंशा यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग शुरू से ही वर्ल्ड कप का हिस्सा बन जाएं।

पहली बार अफगानिस्तान में होगा लाइव प्रसारण-

इस बार वर्ल्ड कप मैचों का प्रसारण 200 से अधिक देशों में होगा। खासकर अफगानिस्तान में तो पहली बार क्रिकेट फैंस लाइव मैचों का लुत्फ उठा सकेंगे।

पहली बार सात भाषाओं में प्रसारित होगा वर्ल्ड कप-

अधिक से अधिक दर्शकों को जोड़ने और वर्ल्ड कप का दायरा बढ़ाने के लिए इस बार वर्ल्ड कप मैच सात भाषाओं में प्रसारित किए जाएंगे। भारत में वर्ल्ड कप मैच अंग्रेजी भाषा के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी और बांग्ला में प्रसारित किया जाएगा।

पहली बार दिखाया जाएगा 360 डिग्री रिप्ले-

पहली बार कवरेज के लिए स्पाइडरकैम का इस्तेमाल होगा। हर मैच के कवरेज के लिए 32 कैमरे लगाए हैं। आठ अल्ट्रा-मोशन हॉक-आई कैमरे के अलावा फ्रंट और रिवर्स व्यूस्टंप कैमरे का भी इस्तेमाल होगा। पहली बार 360 डिग्री रिप्ले भी दिखाएंगे। सभी वैन्यू के विजुअल्स के लिए ड्रोन कैमरा और बगी कैमरा का प्रयोग होगा।

जर्सी के अंदर ट्रैकर पहनेंगे खिलाड़ी-

वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब क्रिकेटर्स जर्सी के अंदर ट्रैकर डिवाइस (वेस्ट) पहनेंगे। इस ट्रैकर डिवाइस का फायदा ये होगा कि इसके जरिए खिलाड़ियों के मूवमेंट को मॉनीटर करने में मदद मिलेगी।

इस ट्रैकर डिवाइस की मदद से फिजियो और ट्रेनर यह जान सकेंगे कि किस खिलाड़ी को आराम की जरूरत है और कौन इंजर्ड हुआ है। वर्ल्ड कप में विराट कोहली ( Virat Kohli ) की कप्तानी वाली टीम इंडिया ( Team India ) और श्रीलंका के अलावा अन्य दो और देशों कि टीमें इसका इस्तेमाल करेंगी। अब तक फुटबॉलर्स ही इस तकनीक का प्रयोग करते आए हैं।

वर्ल्ड कप में ऐसे जुड़ती गई तकनीक-

1992 वर्ल्ड कप- थर्ड अम्पायर

2008 वर्ल्ड कप- डीआरएस

2015 वर्ल्ड कप- एलईडी स्टंप्स

 

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