
विश्व कप 2019 : भारतीय आलराउंडर्स की यह है हकीकत, कहीं भारी न पड़ जाए यह फैसला
नई दिल्ली :विश्व कपमें जा रही टीम इंडिया में हार्दिक पांड्या , रविंद्र जडेजा , विजय शंकर, भुवनेश्वर कुमार और केदार जाधव ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर लेते हैं। इनमें भी अगर और स्पेसिफिक होकर बात की जाए तो हार्दिक पांडया और रविंद्र जडेजा ही ऐसे दो खिलाड़ी हैं, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में समान अधिकार रखते हैं। इनके अलावा केदार जाधव तथा विजय शंकर बल्लेबाज ज्यादा हैं तो भुवेश्वर कुमार गेंदबाज अधिक। यही वजह थी कि चयन समिति ने टीम में एक आलराउंडर रविंद्र जडेजा को जोड़ने के लिए सिर्फ तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ विश्व कप में जाने का जोखिम उठाया। वह भी तब जब इंग्लैंड जैसी तेज गेंदबाजी कंडिशन में विश्व कप खेलने जा रही टीम इंडिया में पहले से ही दो स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल मौजूद हैं। इतना ही नहीं, अनुभवी अंबाती रायडू और प्रतिभाशाली युवा ऋषभ पंत पर विजय शंकर को वरीयता देकर विश्व कप टीम में जोड़ा गया तो उसकी वजह भी मुख्य कोच ने यही बताई थी कि विजय थ्री डायमेंशनल खिलाड़ी हैं- यानी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों में उन्हें महारथ हासिल है।
ऐसे में यह आवश्यक बनता है कि इन भारतीय आलराउंडर्स वैश्विक रैंकिंग पर पर नजर दौड़ाई जाए और यह देखा जाए कि विश्व अन्य आउराउंडर्स के बीच यह कहां पर विराजमान हैं।
टॉप-10 में कोई भी नहीं
हरफनमौला की हैसियत से भारतीय विश्व कप टीम में शामिल किए गए इन खिलाड़ियों में से एक भी एकदिवसीय आलराउंडर्स की रैंकिंग के टॉप-10 में नहीं है। इस रैंकिंग में केदार जाधव 242 अंकों के 15वें स्थान पर हैं। जबकि उनकी ख्याति बतौर बल्लेबाज ज्यादा है। वह कभी-कभार गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। गेंदबाजी की रैंकिंग में वह टॉप-100 में भी शामिल नहीं हैं तो बल्लेबाजी में 26वें स्थान पर हैं।
टॉप-10 की सूची में सबसे बेहतर हालत में अफगानिस्तान है। टॉप-3 में उसके दो खिलाड़ी शामिल हैं। 356 अंकों के साथ राशिद खान पहले स्थान पर हैं तो 329 अंकों के साथ मोहम्मद नबी तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा इंग्लैंड और पाकिस्तान के भी दो-दो खिलाड़ी टॉप-10 में हैं। पाकिस्तान के मोहम्मद हफीज और इमाद वसीम क्रमश: चौथे और छठे स्थान पर हैं। इनमें से हफीज को विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली है। इंग्लैंड के मोइन अली और क्रिस वोक्स दोनों 258 अंक लेकर 10वें स्थान पर काबिज हैं तो इसके ठीक बाद 12वें और 13वें स्थान पर इसी देश के दो और खिलाड़ी बेन स्टोक्स और आदिल राशिद हैं।
अन्य भारतीय हरफनमौलाओं की स्थिति
भारतीय हरफनमौलाओं में सबसे बड़ी उम्मीद हार्दिक पांड्या, इस लिस्ट में 19वें स्थान पर हैं। लेकिन उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी रैंकिंग अलग-अलग देखी जाए तो वह बल्लेबाजी में 85वीं रैंकिंग पर हैं तो गेंदबाजी में वह 59वें स्थान पर हैं। इसके बाद आलराउंडर्स की रैंकिंग में 201 अंकों के साथ रविंद्र जडेजा 27वें स्थान पर हैं तो गेंदबाजी की रैंकिंग में वह 32वें स्थान पर हैं, वहीं बल्लेबाजी की रैंकिंग में वह टॉप-100 में भी शामिल नहीं हैं। आश्चर्यजनक तो यह है कि आलराउंडर्स की रैंकिंग में जडेजा से ऊपर भारत के कुलदीप यादव 208 अंक लेकर 23वें स्थान पर हैं, जिन्हें बल्लेबाजी के लिए एकदम नहीं जाना जाता। वहीं एक और रोचक आंकड़ा देखिए कि कुलदीप की ही तरह जसप्रीत बुमराह को भी बल्लेबाजी के लिए नहीं जाना जाता, लेकिन वह भुवनेश्वर कुमार से काफी ऊपर 31वें स्थान पर हैं, जबकि भुवनेश्वर 42 स्थान पर हैं। आश्चर्यजनक रूप से इस लिस्ट में 56वें स्थान पर युजवेंद्र चहल का भी नाम है, लेकिन थ्री डायमेंशनल खिलाड़ी विजय शंकर आलराउंडर्स की रैंकिंग के टॉप-100 में तो नजर नहीं ही आते। वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी की टॉप-100 रैंकिंग में भी नजर नहीं आते।
टीम को संयोजन देते हैं हरफनमौला
क्रिकेट के शॉर्टर फॉर्मेट में हरफनमौलाओं को काफी अहम माना जाता है। वह टीम में संयोजन लेकर आते हैं। इसलिए यह उम्मीद की जा रही है कि टीम इंडिया में हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, केदार जाधव और विजय शंकर के होने से भारतीय विश्व कप टीम को संयोजन मिलेगा। इसी वजह से एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को नजरअंदाज कर विजय शंकर को और एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज पर वरीयता देकर रविंद्र जडेजा को शामिल किया गया है। ऐसे में अगर इन्होंने अपनी रैंकिंग के हिसाब से ही विश्व कप में भी प्रदर्शन किया तो वह टीम के लिए बोझ बन सकते हैं। लेकिन एक बात और क्रिकेट रैंकिंग और आंकड़ों का खेल नहीं। वह मैदान पर खेला जाता है। ऐसे में यह उम्मीद है कि ये भारतीय हरफनमौला विश्व कप में अपनी रैंकिंग को धता बताकर बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे और टीम इंडिया की जीत में अपना योगदान देंगे।
Published on:
15 May 2019 07:05 am
बड़ी खबरें
View Allक्रिकेट
खेल
ट्रेंडिंग
