
जैसन होल्डर (फोटो- IANS)
West Indies Cricket Team: आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए वेस्टइंडीज को डायरेक्ट एंट्री नहीं मिली है। अफगानिस्तान की आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में जीत ने वेस्टइंडीज की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वह फिलहाल वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है, लेकिन वर्ल्ड कप के लिए रैंकिंग की सिर्फ टॉप 9 टीमों को डायरेक्ट एंट्री मिली है, जबकि एक टीम मेजबान होने के नाते एंट्री हासिल करने में सफल रही है, जो कि जिम्बाब्वे है। लगातार दो बार विश्व कप का खिताब जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम (1975 और 1979) लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप से कैसे बाहर हो गई? इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है वनडे टीम तैयार करने में चूक।
साल 2019 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। टीम अंक तालिका में 10 टीमों में से 9वें स्थान पर रही थी और 9 में से सिर्फ 2 मैच जीत पाई थी, जिस दौरान उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को हराया था। उस वर्ल्ड कप के बाद से ही टीम पर अगले विश्व कप से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था और हुआ भी ऐसा ही। 2023 वर्ल्ड कप के लिए वेस्टइंडीज क्वालीफाई नहीं कर पाई और अब 2027 वर्ल्ड कप में भी उनके खेलने की संभावनाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अगर वेस्टइंडीज की टीम क्वालीफायर जीतती है या क्वालीफायर में टॉप 4 में जगह बनाती है, तो ही उन्हें वर्ल्ड कप में एंट्री मिलेगी।
ये वही टीम है जिसने पहले दो विश्व कप यानी 1975 और 1979 में लगातार दो बार खिताब जीता था, लेकिन 1996 के बाद यह टीम सेमीफाइनल में भी जगह नहीं बना पाई है। यही टीम टी20 में लगातार अपनी चमक बिखेरती रही है। वेस्टइंडीज पहली टीम थी जिसने दो बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, लेकिन दूसरी ओर वनडे फॉर्मेट में इनका बुरा हाल जारी रहा। 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद वेस्टइंडीज ने 4 सीरीज में जीत हासिल की है, जबकि 7 में उसे हार का सामना करना पड़ा है और एक बराबरी पर खत्म हुई थी। यही वजह है कि टीम 10वें स्थान पर खिसक गई और डायरेक्ट क्वालिफिकेशन की दौड़ से बाहर हो गई।
इस दौरान सबसे बड़ी समस्या उनके वनडे टीम कॉम्बिनेशन में दिखी। वेस्टइंडीज के पास टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन उस टैलेंट को एकजुट करना अभी तक उसके लिए मुश्किल साबित हुआ है। वेस्टइंडीज की टीम के पास टी20 फॉर्मेट में बड़ी पारियां खेलने और बड़े-बड़े शॉट लगाने वाले क्रिकेटर तो मौजूद हैं, लेकिन जैसे ही वनडे फॉर्मेट आता है, टीम अधूरी सी नजर आती है। ब्रायन लारा, क्रिस गेल, शिवनारायण चंद्रपॉल और रामनरेश सरवन जैसे बल्लेबाजों के जाने के बाद वेस्टइंडीज की वनडे टीम में मुश्किल से ही एकाध ऐसे बल्लेबाज नजर आए हैं, जिन्होंने क्रीज पर टिककर खेलना और समय बिताना सीखा हो। बल्लेबाजों के अलावा गेंदबाजी में भी उनका हाल कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहा। टीम मैनेजेमेंट ने अगर इस चीज को ठीक करने की कोशिश की होती, तो 15 साल काफी थे।
दूसरी सबसे बड़ी वजह वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का खिलाड़ियों के साथ मतभेद रहा। कई सीनियर खिलाड़ी लगातार फ्रेंचाइजी क्रिकेट को तवज्जो देते रहे और नेशनल टीम को नजरअंदाज करते रहे। 2019 वर्ल्ड कप में जब टीम 9वें स्थान पर रही थी, तब उनके पास इस समस्या का हल निकालने का समय था, लेकिन पिछले कई सालों में वेस्टइंडीज उस कमी को पूरा नहीं कर पाई है। इसी की वजह से अब 2027 वर्ल्ड कप में भी उन्हें क्वालीफायर के जरिए जाना होगा।
Updated on:
11 Aug 2026 01:16 pm
Published on:
11 Aug 2026 01:16 pm
