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चेन्नई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में तमिलनाडु में बड़ी कार्रवाई की है। इस एक्शन से राज्य में हड़कंप सा मच गया है। खबरों के मुताबिक सीबीआई ने चेन्नई में 40 अलग-अलग स्थानों छापेमारी भी की है। सीबीआई ने बुधवार को तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टी.के. राजेंद्रन के आवास पर भी रेड मारी है। छापेमारी सुबह सात बजे शुरू हुई थी। ये सभी छापेमारी गुटखा घोटाला मामले में हुई हैं। गुटखा राज्य में 2013 से बैन है।
क्यों हुई छापेमारी?
गुटखा घोटाला में ये छापेमारी हुई हैं। बता दें कि 2013 से तमिलनाडु में कैंसरजन्य (कैंसर के कारण) तंबाकू के चबाने वाले उत्पादों का निर्माण, भंडारण और बिक्री, गुट्टा और पैन मसाला सहित सभी पर पाबंदी लगा दी गई है। लेकिन गुटखा की बिक्री राज्य में हो रही थी। गुटखा घोटाला 8 जुलाई, 2017 में सामने आया था। जब तमिलनाडु के आयकर विभाग ने पान मसाला और गुटखा के कई उत्पादक केंद्रों पर छापेमारी की थी। इससे जुड़े लोगों के घरों पर भी छापे मारे गए। यह छापे 250 करोड़ की कर चेरी को लेकर मारे गए। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक डायरी मिली जिसमें स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर और बाकी लोगों का नाम लिखा था। साथ ही निर्माताओं से रिश्वत लेने में उनकी भागीदारी बताई गई। लगातार गुटखा बिक रहा था जिसको लेकर विपक्षी पार्टियों ने एआईएडीएमके पर भी आरोप लगाए हैं। घोटाले में सीबीई जांच की मांग को लेकर डीएमके के विधायक जे अनबजागन द्वारा याचिका दायर की गई। इस याचिका पर इसी साल अप्रैल में मद्रास हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे। जब से सीबीआई ने इस मामले का जिम्मा संभाला है तब से खूब छापेमारी की जा रही है।
Published on:
05 Sept 2018 12:46 pm
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