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साइबर बुलिंगः सोशल मीडिया पर किसी को किया परेशान, पहुंच जाएंगे सलाखों के पीछे

साइबर बुलिंग की शिकायत मिलने पर सीधे दर्ज होगी एफआईआर आईटी एक्ट के तहत भी मुकदमा किया जाएगा दर्ज आईटी एक्ट के अंतर्गत अधिकतम पांच वर्ष की सजा का प्रावधान

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शिमला। दिनोंदिन बढ़ते सोशल मीडिया के दायरे के साथ ही इससे जुड़ी ढेरों शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में साइबर बुलिंग करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए हिमाचल प्रदेश में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यहां पर सोशल मीडिया पर महिलाओं, बच्चों या अन्य के उत्पीड़न, धमकी, अश्लील टिप्पणी आदि पर पुलिस जेल में डाल देगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में अब तक ऐसे मामलों में पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाकर मामला निपटा देती थी। हालांकि अब सीआईडी के जरिये आने वाले साइबर थाने की पुलिस इस तरह के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करेगी।

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साइबर बुलिंग के मामलों में न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा, बल्कि आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। आईटी एक्ट के तहत आरोपी को पांच साल की सजा भी हो सकती है। अगर आरोपी नाबालिग निकलता है तो बाल अपराध कोर्ट में मुकदमा चलेगा।

इस संबंध में हिमाचल प्रदेश में सीआईडी के एडीजीपी अशोक तिवारी ने बताया कि थाने को खास निर्देश दिए गए हैं। उन्हें बताया गया है कि लोगों को जागरूक करें कि ऐसे अपराधों से दूर रहें। गौरतलब है कि हिमाचल में साइबर क्राइम का केवल शिमला में ही एक थाना है।

साइबर बुलिंग

साइबर बुलिंग का मतलब है कि किसी भी तरह की बुलिंग (धमकी, धौंस) जो सेल फोन, कंप्यूटर्स या टैबलेट जैसी डिजिटल डिवाइसों पर की जाती है। यह एसएमएस, टेक्स्ट, ऐप्स, ऑनलाइन, सोशल मीडिया, फोरम्स या गेमिंग पर भी हो सकती है, जहां पर लोग इसे देख सकते हैं, इसमें हिस्सा ले सकते हैं या इसे शेयर कर सकते हैं।

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साइबर बुलिंग में किसी अन्य के लिए नकारात्मक, नुकसानदायक, झूठी, अश्लील टिप्पणी या भद्दी सामग्री भेजना, पोस्ट करना या शेयर करना शामिल है। इसके अंतर्गत किसी अन्य की वैयक्तिक या निजी जानकारी भी शामिल है जिससे उसे शर्मिंदगी या अपमान का सामना करना पड़े।

फेसबुक, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर आदि पर आजकल यह तेजी से फैल रही है।