कोरोना के कहर के बीच 2020 में ओडिशा में रोजाना 8 का बलात्कार और 4 की हत्या

कोरोना वायरस प्रबंधन में बेहतर काम करने के बावजूद ओडिशा में बीते वर्ष अपराधी बेलगाम रहे। आलम यह रहा कि प्रदेश में रोजाना आठ महिलाओं से बलात्कार और चार लोगों की हत्या के मामले दर्ज किए गए।

भुवनेश्वर। जहां बीते वर्ष पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने कोहराम मचाया हुआ था, देश में एक ऐसा राज्य भी है जहां रोजाना अपराध चरम पर था। ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को पेश किए गए व्हाइट पेपर (श्वेतपत्र) 2020 की मानें तो बीते वर्ष प्रदेश में रोजाना बलात्कार के आठ और हत्या के चार मामले दर्ज किए गए।

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श्वेतपत्र 2020 के मुताबिक बीते वर्ष ओडिशा में हत्या के 1,470, डकैती के 514, लूट के 2,166, छिनताई के 4,500, चोरी के 10,412, ठगी के 3,524, दंगे के 2,059, बलात्कार के 2,084, सड़क (मोटर व्हीकल) दुर्घटना के 9,817 मामले समेत कुल 1.34 लाख संज्ञेय मामले सामने आए।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 1,34,230 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए और इनमें 1,29,305 मामलों को सही पाया गया जबकि 93,229 मामलों में आरोप-पत्र भी दायर किए गए।

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ओडिशा पुलिस ने बीते वर्ष बलात्कार के कुल 2,984 मामले दर्ज किए। इनमें से 2,907 मामलों को जांच में सही पाया गया और 2,054 मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए।

वहीं, 2020 के दौरान हत्या के दर्ज 1470 मामलों में से 1,392 को जांच के दौरान सही पाया गया और हत्या के 694 मामलों में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए।

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इसी तरह पुलिस ने लूट के 2,166 मामले दर्ज किए। इनमें से 882 मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए और कुल मामलों में से 2,127 सही पाए गए।

वर्ष 2020 के दौरान विभिन्न अपराधों में शामिल 1816 अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया गया। जबकि 4.24 करोड़ रुपये मूल्य की चोरी की गईं संपत्तियों को जब्त किया गया। वहीं, 2020-21 में माओवादी मुठभेड़ों की तकरीबन 18 घटनाएं हुईं।

मर्डर

हालांकि इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2020 के दौरान समग्र कानून और व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण थी और राज्य सरकार ने सांप्रदायिक सद्भाव को प्राथमिकता दी। वर्ष 2020 में हिंदू-मुस्लिम के बीच झड़प के 27 मामले और हिंदू-ईसाई के बीच तीन मामलों की सूचना मिली।

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रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा उचित समय पर हस्तक्षेप करने से हालात काबू में आए। वहीं, रिपोर्ट में बताया गया कि कोविड-19 स्थिति के प्रबंधन में प्रदेश सरकार सफल रही है।

हालांकि इस दौरान 8,902 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। जबकि 48 पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा दी और 1002 ने कोविड-19 से ठीक होने के बाद प्लाज्मा दान किया।

अमित कुमार बाजपेयी
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