
नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे ( CCD Owner VG Siddhartha ) के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद हुआ है। वीजी सिद्धार्थ का शव बुधवार तड़के दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रावती नदी से मिला।
करीब दो सौ लोगों का दल मेंगलुरु के पास नेत्रावती नदी में उनकी तलाश कर रहा था।
सिद्धार्थ के लापता होने की सूचना के बाद से पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोग नदी के उस इलाके में खोजबीन में लगे हुए थे जहां कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ ( CCD Owner VG Siddhartha ) के नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही थी।
दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि एक शव मिला है जो कैफे कॉफी डे ( CCD ) के मालिक वीजी सिद्धार्थ का लगता है।
कर्नाटक के पूर्व मंत्री यूटी खदेर ने इस बात की पुष्टि की है कि नेत्रवती नदी में मिला शव सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ की है। उन्होंने बताया है कि मैंगलूरु में सिद्धार्थ का एक पारिवारिक सदस्य उनके परिवार के संपर्क में है।
पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने की पुष्टि
इस घटना के बारे में मंगलूरु के पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने बताया है कि बुधवार तड़के सीसीडे के मालिक वीजी सिद्धार्थ ( CCD Owner VG Siddhartha ) का शव मिला। सिद्धार्थ का शव वरामद होने के तत्काल बाद परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को वेनलॉक अस्पताल में रखा गया है।
मंगलूरु पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।
बता दें कि सीसीडी के मालिक सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापते थे। वीजी सिद्धार्थ ( CCD Owner VG Siddhartha ) ने लापता होने से पहले कंपनी के कर्मचारियों और निदेशक मंडल को कथित तौर पर लिखे पत्र में कहा कि मैं एक उद्यमी के तौर पर विफल रहा।
नेत्रवती नदी के पास अंतिम बार देखा गया था
सोमवार को मंगलूरु के नेत्रावती में पास उन्हें आखिरी बार देखा गया था। वीजी सिद्धार्थ सोमवार सुबह बेंगलुरु से सकलेशपुर के लिए निकले थे। बीच रास्ते में उन्होंने अपने ड्राइवर बसवराज को गाड़ी मंगलुरू की तरफ ले जाने को कहा था।
नेत्रावती नदी पर बने पुल से कुछ दूरी पर मौजूद एक टोल प्लाजा से उनकी गाड़ी की आखरी तस्वीरें सामने आई थी। इन तस्वीरों से पता चला था कि शाम 5 बजकर 28 पर उनकी काली इनोवा टोल से गुजरते हुए पुल की तरफ गई थी।
पुल के दूसरे छोड़ पर इंतजार करने को कहा था
सिद्धार्थ के ड्राइवर बसवराज ने पुलिस को बताया था कि नेत्रावती नदी के ब्रिज पर आधा रास्ता पार करने के बाद सिद्धार्थ ने गाड़ी रोकने को कहा और वे गाड़ी से नीचे उतर गए। उन्होंने पुल के दूसरे छोर पर मेरा इंतजार करने को कहा था। इसके बाद वे नहीं लौटे।
पुलिस के मुताबिक शाम करीब सवा 6 बजे उनके फोन से एक कॉल किया गया था जिसके बाद शाम 7 बजकर 51 मिनट पर उनके ड्राइवर बसवराज ने जब उन्हें फोन किया तो उनका फोन स्विच ऑफ हो गया था।
ड्राइवर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मिसिंग का केस दर्ज कर लिया है और सोमवार देर शाम से लेकर शव बरामद होने तक गोताखोर दल के सदस्य नेत्रवती नदी में उन्हें ढूंढ रहे थे।
Updated on:
31 Jul 2019, 12:07 PM IST
Published on:
31 Jul 2019, 8:12 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.