
केरल: जालंधर में बिशप के स्वागत पर बोला पीड़ित नन का भाई, खुद पर शर्म करे मुलक्कल
नई दिल्ली। केरल नन रेप केस के आरोपी फ्रैंको मुलक्कल को लेकर पीड़ित नन के भाई का बड़ा बयान सामने आया है। पीड़िता के भाई ने गुरुवार को कहा कि भले ही कोर्ट ने बिशप फ्रेंको को जमानत दे दी हो, लेकिन वह निर्दोष नहीं है। नन के भाई ने कहा कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जालंधर में जिस तरह से उसको स्वागत किया गया, वह उसकी निंदा करते हैं। एक धार्मिक व्यक्ति होने के नाते फ्रैंको को खुद पर शर्म आनी चाहिए। आपको बता दें कि पीड़ित नन के भाई का यह बयान कोर्ट द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलाक्कल को जमानत दिए जाने के बाद आया।
21 सितंबर को किया गया था गिरफ्तार
दरअसल, केरल हाई कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल कोट्टायम के समीप पाला उप-कारागार से बाहर निकल गए। बिशप को एक नन के साथ दुष्कर्म के आरोप में 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद जालंधर पहुंचे मुलक्कल का उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। मुलक्कल को 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। तीन दिन की पूछताछ के बाद 24 सितंबर को उन्हें दो हफ्तों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
बिशप मुलक्कल पर एक नन के साथ 2014 से 2016 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। नन ने बिशप के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत में बताया है कि पंजाब के जालंधर के रोमन कैथलिक डाइअसिस के बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने वर्ष 2014 से वर्ष 2016 के बीच उसके साथ 14 बार दुष्कर्म किया। वहीं, बिशप ने इन आरोपों को निराधार बताया है। बिशप का कहना है कि उन्हें नन के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण फंसाया जा रहा है।मुलक्कल के अनुसार, यह समस्या 2016 में तब शुरू हुई जब उन्हें नन के खिलाफ एक शिकायत पर कार्रवाई की।
Published on:
18 Oct 2018 01:55 pm
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