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इस जेल में कैदी करते हैं रंगबाजी, जेलर के केबिन में होती है चिकन-मटन की पार्टी

पार्टी की खास बात ये है कि वीवीआईपी उत्सव तिहाड़ के जेलर के एसी ऑफिस में चल रही थी।

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Shweta Singh

May 14, 2018

tihad inmates had a gala time in jail did chicken mutton party

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल के अंदर कुछ कैदियों के पार्टी करने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक वहां के अंडर ट्रायल कैदियों ने चिकन-मटन की पार्टी की है। पार्टी की खास बात ये है कि वीवीआईपी उत्सव तिहाड़ के जेलर के एसी ऑफिस में चल रही थी। पार्टी में शामिल हुए कैदियों में दो कैदी बिल्डर थे। बता दें ये कैदी सिर्फ पार्टी नहीं जेल के अन्य अहम नियम को ताक पर रखते हुए भी नजर आए।

अंडर ट्रायल कैदी कर रहे थे दावत
प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्टी करने वाले ये कैदी जेल के अंदर नियमों की अनदेखी करते हुए देर रात तक पार्क में टहलते रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ये पार्टी के 6 मई को चल रही थी। जेल नंबर-1 में चल रही इस पार्टी में पांच अंडर ट्रायल कैदी लेग पीस और मटन की दावत कर रहे थे। पार्टी में शामिल हुए लोगों में दो सेवादार भी थे, जो इन कैदियों के लिए ठंडे पानी और खाना परोसने में मदद कर रहे थे।

मामला ड्यूटी रजिस्टर में रिकॉर्ड
हालांकि पार्टी के खत्म होने से पहले ही ये सभी पकड़े गए। मामले की जानकारी जब उसी जेल के सुपरिटेंडेंट को दी गई तो मामले को दबाने की कोशिश की गई। लेकिन कैदियों की इस चिकन-मटन की पार्टी की हर डीटेल जेल की दालान में रखे गए ड्यूटी रजिस्टर में रिकॉर्ड कर दी गई है। साथ ही मामले के आरोपी सबूत मिटाने के लिए रजिस्टर का पन्ना फाड़ने की कोशिश न करें, इसका भी इंतजाम कर दिया गया है। इसके लिएदा रजिस्टर में अच्छी तरह नंबरिंग कर दी गई थी।

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सिर्फ पार्टी नहीं हर दिन होती है नियमों की अनदेखी
गौरतलब है कि इस जेल में पार्टी की जानकारी बेशक अभी सामने आई हो, लेकिन इसके अलावा भी वहां कई मौकों पर जेल के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जाती हैं। रात में जेल के कैदियों को 9-9:30 बजे तक वॉर्ड और बैरकों में बंद करने का नियम है, लेकिन ये कैदी इसके बाद भी अपने-अपने वॉर्डों से बाहर निकलते हैं और जेल के अंदर बने पार्क में रात 11-11:30 बजे तक घूमते फिरते हैं। यही नहीं इस बात की जानकारी उस जेल के लगभग हर कैदी और वहां तैनात अधिकारी जानते हैं, लेकिन फिर भी अभीतक उन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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ये मुद्दा गंभीर: अडिशनल डीजी
मामले में जब जेल के अडिशनल डीजी राजकुमार से बात की गई तो उनका कहना है कि फिलहाल उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि सोमवार को इस मामले की जांच कराई जानी है, ऐसे में अगर यह मामला सही पाया गया तो ये मुद्दा गंभीर है।