
Cannabis seized: उड़ीसा से गांजा की सप्लाई प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Cannabis seized:एमपी के डबरा सिटी थाना पुलिस ने मगरौरा रोड स्थित मजार के पास तीन लोगों को पकड़ा। जिनके कब्जे से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया, वजन करीब 24 किलो 310 ग्राम होना बताया गया है। पूछताछ में पकड़े गए तस्करों ने बताया कि उड़ीसा से गांजा मंगाया जाता है और फिर स्थानीय स्तर पर सौदा तय होने के बाद सप्लाई की जाती है। हालांकि अभी अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना फरार है। बरामद किए गए गांजा की कीमत 2 लाख 45 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
डबरा सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि सूचना पर सुबह मगरोरा रोड स्थित मजार के पास डबरा सिटी थाना पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की एक इलेक्ट्रिक स्कूटी पर दो पुरुष और एक महिला सवार होकर आते दिखाई दिए। पुलिस चेकिंग देखकर तीनों ने वाहन मोड़कर भागने का प्रयास किया, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। तत्काल घेराबंदी कर स्कूटी को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दो ट्रॉली बैगों से कुल 24 किलो 310 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपए बताई गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर की इलेक्ट्रिक स्कूटी भी जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 56 हजार रुपए आंकी गई है।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि डबरा निवासी संतोष पचौरी उड़ीसा से गांजा खरीदकर मंगवाता था। फिर अरविन्द और रजनी जो कि पति-पत्नी हैं, इस गांजे को थोक स्तर पर डबरा तक पहुंचाने का काम करते थे। जबकि दिनेश चौहान क्षेत्र में फुटकर बिक्री करता था और संतोष पचौरी के सौदा तय वाली जगह पर पहुंचकर सप्लाई करता था।
पुलिस ने चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपी संतोष की तलाश प्रारंभ कर दी है, जिसकी लोकेशन अभी उड़ीसा मिली है। अवैध मादक पदार्थ की तस्कारी से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। - संजय शर्मा, थाना प्रभारी सिटी डबरा
प्रदेश के विदिशा जिले में भी नशे का जाल लगातार गहराता जा रहा है। बीते ढाई वर्षों में नशे के ओवरडोज ने नौ लोगों की जान ले ली, जबकि पुलिस कार्रवाई में करीब 1.80 करोड़ रुपए का अवैध नशा पकड़ा गया है। चिंताजनक यह है कि नशे की गिरफ्त में युवा सबसे अधिक आ रहे हैं। विदिशा शहर तथा गंजबासौदा इसके प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में मुख्य रूप से ब्राउन शुगर और गांजे की खपत हो रही है। सिंथेटिक ड्रग्स का प्रचलन अभी सीमित है, लेकिन विशेषज्ञ इसे भविष्य के लिए खतरे की घंटी मान रहे हैं। नशीले पदार्थ सड़क मार्ग और ट्रेनों के जरिए जिले तक पहुंच रहे हैं, जिससे तस्करों का नेटवर्क लगातार सक्रिय बना हुआ है। पुलिस लगातार कार्रवाई का दावा कर रही है।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि जिले में गांजा ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लाया जा रहा है। स्मैक और अफीम राजस्थान के झालावाड़ एवं प्रतापगढ़ बॉर्डर, मंदसौर-नीमच, भोपाल, राजगढ़ तथा रायसेन के रास्ते पहुंच रही है। यह नशा विभिन्न मार्गों से होते हुए पैडलर्स के माध्यम से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है।
Updated on:
22 Jun 2026 05:52 pm
Published on:
22 Jun 2026 05:48 pm
बड़ी खबरें
View Allडबरा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
