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गन्ने की मिठास ने बढ़ा दिया गुड़ का कारोबार, अब तीन राज्यों में डिमांड

गुड़ का कारोबार बढ़ने व सांखनी शुगर मिल में मांग के चलते बढ़ा गन्ने का रकबा, इस बार गन्ना कराएगा किसानों का मुंह मीठा, पिछले साल की तुलना में पैदावार हुई ज्यादा

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डबरा

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deepak deewan

Nov 02, 2022

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डबरा. इस साल भी अंचल में गन्ना लहलहा रहा है। तीन साल की तुलना में गन्ने की पैदावार इस साल ज्यादा हेै। डबरा में1666 हेक्टेयर व पूरे जिले में 2663 हेक्टेयर में गन्ना हो रहा है। जबकि पिहले साल डबरा में 1540 व जिले में 1980 हेक्टेयर में गन्ना हुआ था। चार साल से लगातार गन्ने का रकबा बढ़ रहा है। इसके पीछे भितरवार की सांखनी शुगर मिल व गुड़ का उत्पादन बढऩा है। यहां का गुड़ तीन राज्यों में जा रहा है. बताते हैं कि अधिक मीठा होने से इसकी डिमांड है.

कृषि विभाग के मुताबिक शुगर मिल सांखनी के लिए डबरा व दतिया के कुछ गांवों को आरक्षित किया है जो शुगर मिल में गन्ना देंगे। इधर गुड क्रेसर भी लग गए है। बताते हैं कि यह लोग मिल से ज्यादा रूपए में गन्ना खरीदते है। मिल का रेट 270 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि गुड़ बनाने वाले कारोबारी 300 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना खरीदते हैं। हालांकि इस बार विभाग ने शुगर मिल के लिए गन्ना आरक्षित किया है जिससे गुड़ बनाने वालों की समस्या बढ़ सकती है। अभी डबरा क्षेत्र में 200 गुड़ क्रेसर लगे है। डबरा में गुड़ के बढ़ते कारोबार ने गन्ने की कीमत बढ़ाई है।

यही वजह है कि पिछले चार सालों में गन्ना करने वाले कृषकों की संख्या बढ़ी है जिससे रकबा बढ़ गया है। क्रेसर वाले 300 रुपए के भाव तक गन्ना खरीदते है। क्षेत्र में सबसे अधिक गन्ना घोराघाट, हरीपुर, चांदपुर सहित करीब 16 से अधिक गांवों में और भितरवार क्षेत्र में होता है। मिल का पिराई सीजन शुरू होने वाला है। संबंधित क्षेत्र में होने वाले गन्ने को शुगर मिल के लिए आरक्षित किया है।

गन्ना भी मीठा होता है जिससे गुड़ की मिठास भी ज्यादा
इधर डबरा क्षेत्र से बना गुड़ एमपी और राजस्थान के अलावा उप्र राज्य तक जाता है। ग्वालियर, ललितपुर के अलावा झांसी, चिरगांव, महुरनीपुर, मोठ आदि क्षेत्रों में गुड़ की सप्लाई होती है। यहां के गुड़ का स्वाद कुछ अलग होता है. गन्ना भी मीठा होता है जिससे गुड़ की मिठास भी ज्यादा रहती है. यही कारण है कि यहां के गुड़ के डिमांड लगातार ज्यादा होती जा रही है.

लागत कम
गन्ना में लागत कम लगती है. एक बार लागत लगाने पर तीन बार पैदावार होती है। एक किसान ने बताया कि पिछले साल 15 बीघा में गन्ना किया था। मांग बढऩे व बारिश आदि किसी प्रकोप से ज्यादा नुकसान नहीं होता है इस कारण इस बार 30 बीघा में गन्ना किया है।

डबरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अशोक वर्मा बताते हैं कि पिछले साल से गन्ना का रकबा बढ़ा है। अच्छी पैदावार हुई है। डबरा के अलावा दतिया के कुछ गांवों को शासन स्तर पर भितरवार की शुगर मिल के लिए गन्ना दिया जाना आरक्षित किया है। गुड़ बनाने के चलते भी मांग बढ़ी है।