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गन्ने की खेती से हो रही अच्छी कमाई, किसानों ने इन तकनीकों का लिया सहारा

Good income from sugarcane cultivation: मध्य प्रदेश के दमोह में एक ऐसा क्षेत्र है जो गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। यहां के किसानों ने पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।

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दमोह

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Akash Dewani

Mar 09, 2025

Good income from sugarcane cultivation for Magron area farmers of damoh mp

Good income from sugarcane cultivation: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक का मगरोन क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए खास पहचान बना चुका है। यहां के किसान वर्षों से गन्ने की खेती कर रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका में मिठास घुल रही है। उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु के कारण यहां बड़े पैमाने पर गन्ने की पैदावार होती है, जो स्थानीय बाजारों के साथ अन्य जिलों तक भी पहुंच रही है।

अब किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। ड्रिप इरिगेशन और जैविक खाद जैसी तकनीकों के उपयोग से उपज में जबरदस्त बढ़ोतरी हो रही है। यही वजह है कि इस क्षेत्र से शुगर मिलों को सबसे अधिक गन्ना सप्लाई किया जाता है।

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गन्ने की खेती से बदल रही तस्वीर

स्थानीय किसान रामस्वरूप पटेल बताते हैं कि वह वर्षों से गन्ने की खेती कर रहे हैं और इससे अच्छी आमदनी हो रही है। वहीं, किसान नमोहन का कहना है कि गन्ने की बढ़ती मांग के कारण किसानों का इस ओर रुझान बढ़ा है। किसानों को नई तकनीकों से अवगत कराने के लिए प्रशासन समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहा है, ताकि वे अधिक लाभ कमा सकें। किसानों का मानना है कि यदि सरकार गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे, तो वे और समृद्ध हो सकते हैं।

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गन्ने से गुड़ तक: कमाई का नया जरिया

गन्ने की खेती के साथ अब क्षेत्र के कुछ किसान गुड़ निर्माण भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त मुनाफा हो रहा है। स्थानीय बाजार में ताजा गुड़ आसानी से उपलब्ध हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को भी फायदा मिल रहा है। हालांकि, इस काम में अभी कम किसान जुटे हैं, क्योंकि सरकारी मदद की कमी उनके सामने एक चुनौती बनी हुई है। किसानों का कहना है कि अगर सरकार इस दिशा में सहयोग करे, तो वे और अधिक आर्थिक मजबूती पा सकते हैं।

मगरोन की मिठास से भर सकती है उद्योगों की मिठाई

किसानों की मेहनत और मिट्टी की उर्वरता ने मगरोन को गन्ना उत्पादन का केंद्र बना दिया है। यदि शासन-प्रशासन की ओर से गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए, तो यह क्षेत्र एक प्रमुख गुड़ और शक्कर उत्पादन केंद्र बन सकता है। इससे न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।