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यहां बिछड़े पति-पत्नी होते हैं एक, इस दरबार में अर्जी देने पर दंपती की मुराद होती है पूरी

वर्षों से बिछड़े पति-पत्नी यहां हो गए एक, लोक अदालत में निपटाए २५१ मामले

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Here are the separated husband and wife, the petition is filed in this

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दमोह. जिले भर में लगाई गई नेशनल लोक अदालत में शनिवार को २५१ मामले निपटाए गए। जिसमें अलग-अलग न्यायाधीशों के समक्ष राजीनामा के लिए प्रकरण पेश करने के बाद दिन भर कार्रवाई जारी रही। इस दौरान
सुलह एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर शनिवार को परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। यह आयोजन जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय हटा, पथरिया, व तेंदूखेड़ा में किया गया था। जिला न्यायाधीश आरएस शर्मा के नेतृत्व में जिला न्यायालय दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश शर्मा ने गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित करते हुए किया।
शुभारंभ अवसर पर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजीव कुमार सिंह, जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता, पक्षकारगण एवं न्यायालयीन कर्मचारिीयों सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस, विद्युत प्रकरणों के साथ बैंक, दूरसंचार एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था। जिनके निराकरण के लिए संपूर्ण जिलों में 18 खण्डपीठों का गठन किया गया था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी एवं 2-२ सदस्य सुलहकर्ता की नियुक्ति गई थी। जिला रजिस्ट्रार,सचिव शिवराज सिंह गवली ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 46 प्रकरणों में 49 लाख 50 हजार 500 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। विद्युत के 102 प्रकरणों में 7 लाख 70हजार 604 रुपए, चैक बाउंस के 16 प्रकरणों में 12 लाख 97 हजार की वसूली की गई। इस तरह से न्यायालयों में लंबित कुल 251 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया गया। इसी प्रकार बैंक, नगरपालिका के 122 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में सहमति एवं सुलह के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया।
आपसी विवाद एवं पारिवारिक कलह से जूझते 9 दम्पत्ति पुन: एक हुए-
कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित प्रकरण में डेढ़ वर्ष से अलग रह रहे दमोह निवासी मुकेश अठया ने अपनी पत्नी रजनी उर्फ राजबाई से आपसी सहमति से विवाह विच्छेद करने हेतु आवेदन दिया था। इस प्रकरण में दम्पत्ति ने प्रकरण को वापिस लेकर पुन: साथ-साथ रहने के लिए सहमति जताई जिन्होंने एक दूसरे को माला पहनाकर सहमति जताई। बताया गया कि न्यायिक प्रथककरण की अवधि में दोनों पक्षों में दूरियां बढ़ती जा रही थीं। इस दौरान दोनों के मध्य पुन: संवाद की स्थिति निर्मित की गई और दोनों पक्षों को समझाईश दिए जाने के उपरांत दोनों पक्ष साथ रहने सहमत हुए और विवाह विच्छेद का प्रकरण वापिस लेकर ढोल बाजे के साथ न्यायालय से विदा हुए। इसी प्रकार दाम्पत्य पुर्नस्थापना के तीन प्रकरणों में पक्षकारों ने पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार सिंह एवं सुहलकर्ताओं के द्वारा समझाईश के उपरांत साथ-साथ रहने के लिए सहमत हुए और मुस्कुराते हुए विदा ली। साथ ही भरण-पोषण के लंबित 5 प्रकरणों में पति-पत्नी द्वारा साथ-साथ रहने का संकल्प लेते हुए मुकदमे बाजी का अंत किया और न्यायालय से हंसते हुये विदा हुए। नेशनल लोक अदालत में सभी न्यायाधीशों एवं सभी वकीलों के साथ अनेक प्रशासनिक अधिकारियों, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टॉफ के सहयोग से किया नेशनल लोक अदालत में २५१ प्रकरणों को निपटाने में फलता मिली। जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चैरसिया ने नेशनल लोक अदालत में सहयोग करने पर सभी का आभार माना।