3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘लाड़ली बहना योजना के 1200 रुपए वापस ले लो’…सरकार से ग्रामीण महिलाओं ने की ये मांग

Liqour ban: मध्य प्रदेश में शराब की दुकान को लेकर जबरदस्त विरोध चल रहा है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों पर शराब पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब अन्य जगहों से भी शराबबंदी करने की मांग उठ रही है।

2 min read
Google source verification

दमोह

image

Akash Dewani

Apr 02, 2025

Villagers protested fiercely against the liquor shop in Kevalari village of damoh mp

Liqour ban: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के केवलारी गांव में शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने एकजुट होकर दुकान के सामने धरना दिया। भजन गाते हुए ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक यह दुकान नहीं हटेगी, तब तक वे यहीं डटे रहेंगे।

शराब दुकान का किया विरोध

गांव की महिला प्यारी बाई ने सरकार को दो टूक कहा कि 'उन्हें 1200 रुपए की लाड़ली बहना योजना नहीं चाहिए, लेकिन शराब दुकान भी नहीं चाहिए। उनका आरोप था कि इस राशि का इस्तेमाल शराब खरीदने में हो रहा है, जिससे उनके घरों में परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के कारण गांव में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है और महिलाएं-बेटियां असुरक्षित महसूस करती हैं।

तीन साल से उठा रहे हैं आवाज

गांव के सरपंच ने बताया कि वे पिछले तीन साल से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने फैसला कर लिया कि वे अब पीछे नहीं हटेंगे। गुस्साए लोगों ने दुकान में ताला जड़ दिया और कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया।

यह भी पढ़े- 10-12-13-14 अप्रैल को रहेगा हॉलीडे, बंद रहेंगे स्कूल-ऑफिस

तीन दिन में हटेगी दुकान

विरोध प्रदर्शन के बीच आबकारी विभाग के अधिकारी अनुराग सिंह ने सरपंच से फोन पर बात कर तीन दिन के अंदर दुकान को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। वहीं, एसडीएम निकेत चौरसिया ने भी इस बात की पुष्टि की कि जल्द ही दुकान को हटा दिया जाएगा।

प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर, धरना जारी

पथरिया की नायब तहसीलदार दीपमाला सिंह भी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को बताया कि उनकी शिकायत जिला मुख्यालय तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण चाहें, तो वे अपनी मांग को कलेक्टर के सामने भी रख सकते हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी था।