
जिस पार्टी की टॉप लीडरशिप बेल पर हैं, उसके प्रदेश अध्यक्ष से दूसरों को जेल भेजने की बात शोभा नहीं देती- अमित जोगी
जगदलपुर. चित्रकोट उपचुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। एेसे में पार्टी नेताओं के द्वारा विपक्षी पार्टियों के उपर तीखे हमले किए जा रहे हैं। जकांछ सुप्रीमों अमित जोगी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी की टॉप लीडरशिप बेल पर हैं, उसके प्रदेश अध्यक्ष से दूसरों को जेल भेजने की बात शोभा नहीं देती।
छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस को जनादेश बदलाव लाने के लिए दिया था लेकिन जब से वो सरकार में आयी है केवल बदले की भावना से प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का खुला दुरूपयोग कर रही है। वैसे भी किसी को जेल भेजने का अधिकार न्यायपालिका का है।
जिसने अनेकों बार सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में किसी पार्टी या व्यक्ति विशेष का राज नहीं चल रहा है बल्कि संविधान और क़ानून का राज क़ायम है।इस तरह की बेतुकी बयानबाज़ी वे सरकार की नाकामियों पर परदा डालने के लिए कर रहे हैं लेकिन ये पब्लिक हैए सब जानती है।
जनता कांग्रेस छग के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचे और उन्हें अपनी सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। अमित जोगी का आरोप है कि कांग्रेस सरकारी अमले का उपयोग अपने पक्ष में चुनाव प्रचार करने कर रही है। साथ ही पोलिंग बूथों पर जिला पुलिस बल के जवान की तैनाती पर भी सवाल उठाया है। इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
अमित जोगी ने कहा है कि समस्त मतदान केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय सुरक्षा बलों को दी जाए, तथा राज्य शासन के नियंत्रण में पदस्थ राज्य सशस्त्र बल, जिला बल या अन्य किसी पुलिस बल को मतदान केन्द्र की सुरक्षा ड्यूटी से पृथक रखा जाए। लोहाण्डीगुड़ा, तोकापाल, बस्तानार, दरभा ब्लॉक में पदस्थ समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को भी निर्वाचन प्रक्रिया से पृथक रखा जाए, इन्हें केन्द्र में पीठासीन अधिकारी की जवाबदारी नहीं दी जाए।
राजनैतिक दलों को निर्वाचन आयोग ने वर्जित सामग्री जैसे पैसा, शराब, साड़ी, आभूषण, मांस व अन्य के वितरण का कड़ाई से रोक लगाई जाए। सुरक्षा प्राप्त मान्यता प्राप्त दल के सभी नेताओं को प्रचार के दौरान राज्य शासन के अधिनस्थ राज्य शासन के अधिनस्थ पुलिस बल के अपेक्षा केन्द्रीय सुरक्षा बल प्रदान करने, अति संवेदनशील परिवर्तित मतदान केन्द्रों में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त मतदान अभिकर्ताओं को मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने के लिए उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
17 अक्टूबर से ही जिले के अंतर्गत समस्त सरकारी शराब दुकानो को सील करने, राजनैतिक दलो द्वारा मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचाने तथा अपने पक्ष में मतदान करवाने के लिए वाहनों के उपयोग पर कड़ाई से प्रतिबंध कराने की मांग का ज्ञापन सौंपा है।
इधर जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा पूरी कर ली है तैयारी
जिला निर्वाचन अधिकारी अय्याज तम्बोली ने बताया कि शिकायत के पहले ही निर्वाचन आयोग ने चित्रकोट विधानसभा के 229 पोलिंग बूथ में से 22 मतदान केंद्र में वेब कास्टिंग, 44 में माइक्रो ऑब्ज़र्वर जो केंद्र कर्मचारी है उनकी ड्यूटी 60 मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और 103 बूथों पर स्टील कैमरा दिए जाने का फैसला किया है ताकि चित्रकोट उपचुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से हो सके और मतदाता समेत सभी पार्टियों के एजेंट की सुरक्षा के लिए भी तैयारी कर ली गई है।
Published on:
16 Oct 2019, 5:14 PM IST
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