
CG News: दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में संचालित दो बड़े राष्ट्रीयकृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक पिछले डेढ़ दशक से एक जर्जर भवन में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरू की गई जन धन योजना और महतारी वंदन योजना के तहत खाताधारकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन इन बैंकों की जर्जर स्थिति अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
गौरतलब है कि हर दिन इन बैंकों में ग्रामीणों, विशेषकर महिला खाताधारकों की भीड़ जमा होती है, लेकिन इन बैंकों के भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि एक बार तो सेंट्रल बैंक की छत का प्लास्टर गिरने से खाताधारकों को आंशिक चोटें भी आई थीं।
पंजाब नेशनल बैंक भी निजी भवन में संचालित हो रहा है, जिसका छत बुरी तरह से जर्जर हो चुका है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, कई बार शाखा प्रबंधकों ने रीजनल और मुख्य कार्यालय को पत्र लिखकर नए भवन में बैंक संचालन के लिए अनुमति मांगी है, लेकिन आज तक उन्हें कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला है।
इसके बावजूद, दोनों बैंक अपनी जर्जर इमारतों में कार्य कर रहे हैं। बता दें कि दंतेवाड़ा जैसे DMF वाले जिला में जहां हर बैंक को प्रशासन की ओर से करोड़ों रुपए जमा कराए गए हैं। उस दंतेवाड़ा में संचालित बैंकों की दशा देखकर ऐसा लगता है कि जबतक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता तब तक शायद रायपुर एवं अन्य शहरों में बैठे उच्चाधिकारियों के कान पर जू रेंगने वाला नहीं है।
CG News: कई खाताधारकों ने इस जर्जर स्थिति पर नाराजगी जाहिर की है और जिला प्रशासन से अपील की है कि बैंकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। यदि यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी, जो किसी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
जिला प्रशासन को चाहिए कि समय रहते इन बैंकों के अधिकारियों को फटकार लगाए और उनके लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक भवन मुहैया कराए, ताकि किसी भी दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान किया जा सके।
Published on:
12 Mar 2025 11:59 am
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