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इस कांग्रेसी नेता के मिल में खप रहा था गरीबों में बंटने वाला चावल

गीदम में कांग्रेसी नेता मो. शकील रिजवी के राइस मिल से छापेमारी कर अधिकारियों ने 450 पैकेट सरकारी चावल जब्त किया है।
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गरीबों में बंटने वाला चावल

इस कांग्रेसी नेता के मिल में खप रहा था गरीबों में बंटने वाला चावल

दंतेवाड़ा. दक्षिण बस्तर में गरीबों के राशन पर डाके का खेल बदस्तूर जारी है। गीदम में कांग्रेसी नेता मो. शकील रिजवी के राइस मिल से छापेमारी कर अधिकारियों ने 450 पैकेट सरकारी चावल जब्त किया है। यह राशन बारसूर इलाके की पीडीएस दुकानों में आवंंटित होना था। इस बात का खुलासा जानकार कर रहे हैं। राइस मिल से ट्रक में सरकारी चावल लोड था। इससे पहले भी खुलेआम साप्ताहिक बाजारों में पीडीएस चावल के बेचने का खुलासा हो चुका है। खुलेआम बिक रहे चावल पर सख्ती बरती जाती तो उसी दौरान पीडीएस की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सकती थी।

इंकार कर रहा है
हालांकि जिस कांग्रेसी नेता के मिल से अधिकारियों ने इस चावल को पकड़ा है वह सरकारी चावल होने के बात से साफ इंकार कर रहा है। शकील रिजवी का कहना है कि यह चावल उसका है। उसने मंडी से धान क्रय किया है। जिसके दस्तावेज उसके पास है। पीडीएस चावल मिलिंग के दौरान होने वाले शार्टेज की भरपाई के लिए था। जिसे पीडीएस से मिले बारदाने में रखा था। छापेमारी और कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर आरपी चौहान, जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर, तहसीलदार दिव्या पोटाई, थानेदार ठाकुर, खाद्य निरीक्षक चित्रकांत ध्रूव, अमित शुक्ला व अन्य मौजूद थे।

मोहर कर रहा सरकारी चावल की ओर इशारा
फूड विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिस तरह की बारदानों में सील सिक्का मोहर सरकारी है, वह सिर्फ पीडीएस के चावल होने की पुष्टि करता है। अब मिलर्स खुद को बचाने और सरकारी अमले को गुमराह करने के लिए इस तरह की कहानी रच रहा है। पकड़ा गया चावल पीडीएस दुकानों के लिए ही था। इस मामले पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। वेयर हाउस से लेकर लैंपस और राशन दुकानों के डाटा को भी खंगाला जाएगा। इस पड़ताल के बाद सरकारी चावल की कालाबाजारी सामने आ जाएगी।