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Dhan Kharidi: बारदाना बन रहा बाधा, धान बेचने किसान लगा रहे 30 रुपए वाले फटे बोरे का जुगाड़

Dhan Kharidi: अगर बारदाने की कमी जल्द पूरी नहीं हुई, तो पूरी धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य भी नहीं मिल पाएगा।

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धान बेचने के बाद भी किसानों के खाते में नहीं आया पैसा, कोई नहीं दे रहा सही जानकारी..

Dhan Kharidi: बासनवाही मांडाभर्री धान खरीदी केंद्र में इन दिनों बारदाने की कमी बड़ी समस्या बन गई है। यह धान खरीदी प्रक्रिया में अड़चन डाल रही है। किसानों का आरोप है कि पुराने बारदाने की कमी के कारण धान खरीदी में मुश्किलें आ रही हैं। इससे किसान मायूस और परेशान हैं।

Dhan Kharidi: लगातार बढ़ रही बारदाने की समस्या भी

हालत ये है कि किसान अब 30-40 रुपए में फटे पुराने बोरों का जुगाड़ लगाकर अपना धान बेचने के लिए मजबूर हैं। बासनवाही लेम्प्स के अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र में कुल 875 कृषक पंजीकृत हैं। इन किसानों से इस साल कुल 60 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।

फिलहाल बासनवाही केंद्र में गुरुवार तक 6 हजार 8 क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है। बारदाने की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि सरकार के पास अपना वादा पूरा करने के लिए पर्याप्त बारदाने तक नहीं है। धान खरीदी केंद्रों पर जो किसानों से धान लिया जा रहा है, उन किसानों से 50 प्रतिशत बारदाना मंगाया जा रहा है। इस कदम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनके पास पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं है।

खरीद रहे फटे-पुराने बारदाने

किसानों को बारदाना खरीदने अब बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन किसानों का टोकन कट चुका है, वे बाजार से 25 से 30 रुपये के हिसाब से फटे-पुराने बारदाने खरीद रहे हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। एक किसान ने बताया, खरीदी प्रक्रिया से पहले ही बारदाने की किल्लत आ गई। अब बाजार में बारदाने की कालाबाजारी शुरू हो गई है। जो बारदाना 20 रुपए में मिलता था, अब वह 25 से 30 रुपए में बिक रहा है।

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छोटे-मंझोले किसानों की हालत सबसे ज्यादा खराब

बारदाने की किल्लत ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर डाला है। बढ़ी हुई कीमतों और कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। खासकर छोटे और मंझोले किसानों को इसका अधिक नुकसान हो सकता है।

अगर बारदाने की कमी जल्द पूरी नहीं हुई, तो पूरी धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। ऐसे में शासन-प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि बारदाने की किल्लत का समाधान जल्द किया जाए।

मिलरों की हड़ताल से लगातार बढ़ी समस्या

बासनवाही लेम्प्स के प्रबंधक हिरवानी ने बताया, बारदाने की कमी का कारण कस्टम मिलिंग का धान है, जो मिलरों की हड़ताल के कारण अभी तक सोसाइटी को वापस नहीं मिला है। मिलिंग का काम धीमा होने से बारदाने की आपूर्ति पर असर पड़ा है।

हिरवानी ने बताया कि फिलहाल धान खरीदी के लिए 50-50 का रेशियो रखा गया है। यानी 50 प्रतिशत धान नए बारदाने में खरीदी जाएगी। 50 प्रतिशत पुराने में। अब मिलरों की हड़ताल खत्म होने के बाद ही बारदाने की समस्या हल हो सकती है।

इधर, खरीदी में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस से की शिकायत

Dhan Kharidi: भानुप्रतापपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को भानुप्रतापपुर धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान नेताओं ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ठाकुर, किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मुकेश चंद्राकर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमृत संचेती, जिला कांग्रेस महामंत्री कृष्णा टेकाम, चेतन मरकाम, जोहर पटेल और कमल साहू समेत कांग्रेस का निरीक्षण दल इस दौरान मौजूद था।

धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने बताया कि ऑनलाइन टोकन काटने में समस्याएं आ रही हैं, इसलिए ऑफलाइन टोकन काट रहे हैं। इस समय 18 किसानों के टोकन काट चुके हैं। इनका धान शाम तक तौल लिया जाएगा।