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IED Blast In Dantewada: वोटिंग के बीच नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, CRPF जवान के दोनों पैरों के उड़े चिथड़े

IED Blast In Dantewada: दंतेवाड़ा में निकाय चुनाव के बीच नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया है, जिसमें एक जवान के दोनों पैरों के चिथड़े उड़ गए। गंभीर हालत में जवान को एयर लिफ्ट कर रायपुर लाया गया है।

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IED Blast In Dantewada: वोटिंग के बीच नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट, CRPF जवान के दोनों पैरों के चिथड़े उड़े

IED Blast In Dantewada: अरनपुर के कमलपोस्ट कैम्प के पास मंगलवार को एक आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से सीआरपीएफ के जवान एमएन शुक्ला के पैर के चिथड़े उड़ गए। घायल जवान को गंभीर अवस्था में एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया है।

IED Blast In Dantewada: घायल जवान का उपचार जारी

जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ 231 वाहिनी. की 'एफ' कंपनी कमलपोस्ट कैम्प से आसपास एरिया डोमिनेशन के लिए रवाना हुई थी। इस जंगल में नक्सलियों ने आईईडी प्लांट किया हुआ था। गश्त करते हुए सीआरपीएफ के जवान का पैर इस आईईडी पर पड़ गया। वजन पड़ते ही आईईडी फट पड़ा। इस ब्लास्ट में जवान के दोनों पैर घुटने के नीचे से उड़ गए।

सीआरपीएफ के जवानों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया जहां घायल जवान का उपचार जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि प्रधान आरक्षक एमएन शुक्ला को चोटें आई हैं। उसे बेहतर उपचार हेतु एयरलिफ्ट कर रायपुर रेफर किया गया है।

यह भी पढ़ें: Dantewada-Bijapur IED Blast: दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर में IED ब्लास्ट, 3 जवान घायल

गश्त पर निकली थी जवानों की टीम

दरअसल नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। चुनाव के चलते इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। मंगलवार को दंतेवाड़ा-सुकमा बॉर्डर पर जगरगुंडा क्षेत्र के कमलपोस्ट कैम्प से सीआरपीएफ 231 बटालियन के जवान रवाना हुए थे। ये टीम एरिया डोमिनेशन और नक्सल गश्त सर्च के लिए निकली हुई थी।

4 सालों में 200 से ज्यादा आईईडी बरामद

IED Blast In Dantewada: बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान नक्सलियों पर जवान भारी पड़े हुए हैं। ऐसे में नक्सली कायराना करतूत कर रहे हैं। वे जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी लगा रहे हैं। इसकी चपेट में कभी जवान तो कभी ग्रामीण तो कभी मवेशी आकर बुरी तरह घायल हो चुके हैं। बस्तर में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। दरअसल जगरगुंडा क्षेत्र ये वही इलाका है, जहां से सीआरपीएफ के जवान 4 सालों में 200 से ज्यादा आईईडी बरामद कर चुके हैं।