8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Illegal Plotting In CG: कृषि भूमि पर धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लाटिंग, रसूखदार के काला कारोबार पर राजस्व विभाग मौन…

Illegal Plotting In CG: छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग के होते हुए भी रसूखदार कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। जिसमें न तो कलेक्टर से अनुमति ली गई है और न हीं किसी नियमों का पालन किया गया है। इसके बावजूद राजस्व विभाग मौन है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कांकेर

•

image

Laxmi Vishwakarma

•

Updated: 12 Aug 2024, 3:50 PM IST

jda scheme

प्रतीकात्मक तस्वीर

Illegal Plotting In CG: छग राजस्व विभाग और रेरा के नियम-कानून को ताक पर रख भानुप्रतापपुर नगर व आस पास के ग्राम पंचायतों में वर्षों से कृषि भूमि को अवैध प्लाटिंग कर जमीन की खरीदी बिक्री की जा रही हैं। अवैध काम में भूमाफियाओं को स्थानीय पटवारियों व राजस्व अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिसके चलते अब तक इन भूमाफियाओं पर कार्यवाही नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें: CG News: ड्रोन उड़ाकर सीमा और प्रतिमा दीदी बनीं लखपति, इस तरह खेती-किसानी में मिल रही मदद

Illegal Plotting In CG: भूमाफियाओं से शासन को हो रही आर्थिक क्षति

बिना डायवर्सन के भूमि को कई टुकड़ो में काट कर करोडों की कमाई भूमाफिया कर रहे हैं और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। ऐसे अवैध प्लाटिंग वाले खसरों में खरीदी बिक्री की निष्पक्ष जांच किया जाए तो कई पटवारी व अधिकारियों पर गाज गिर सकती हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर से सटे ग्राम मुल्ला में खसरा नबर 231, 236, 108, 225 ग्राम पंचायत चौगेल में 412 वहीं ग्राम पंचायत नारायणपुर में 59, 62, 60, 68, 67 में स्थित भूमि जो कि कृषि भूमि में दर्ज हैं को अवैध रूप में कई टुकडों में काट कर बेच दिया गया है।

यह भी पढ़ें: CG News: एक्शन मोड में जिला कलेक्टर, लापरवाह ठेकेदारों की अब खैर नहीं, निरस्त होंगे टेंडर

अधिकारियों के सहयोग से की गई अवैध प्लाटिंग

Illegal Plotting In CG: इसके लिए न तो रेरा के नियमों का पालन किया गया है और न ही कलेक्टर की अनुमति ली गई है। क्षेत्र में ऐसे ही कई और भी मामले हैं जिनमें अवैध प्लाटिंग कर भूमि की बिक्री की गई है। इन मामलों में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद हैं। क्योंकि इनके सहयोग के बिना भूमि की खरीदी बिक्री करना संभव ही नहीं है।