
नक्सल संगठन में मतभेद ( Photo - Patrika )
Naxal News: नक्सलियों के भीतर अब खुला मतभेद सामने आने लगा है। हाल ही में नक्सली कमांडर अभय उर्फ सोनू द्वारा सरकार के सामने हथियार डालने की बात कही गई थी, जिसके बाद नक्सलियों में दो खेमे बंटते दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों के उत्तर बस्तर डिविज़नल कमेटी और गढ़चिरौली डिवीजन ने सोनू के बयान का समर्थन किया है।
इन दोनों डिवीज़नों का पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, सोनू के बयान के बाद नक्सलियों की तेलंगाना राज्य समिति द्वारा प्रेस नोट जारी कर न केवल सोनू को हथियार छोड़ने की सलाह दी थी बल्कि उसके बयान की निंदा भी की थी।
इससे साफ हो गया है कि नक्सली संगठन के भीतर गंभीर मतभेद और दो फाड़ की स्थिति बन चुकी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दरार नक्सल आंदोलन की कमज़ोर होती पकड़ का संकेत है और आने वाले समय में आत्मसमर्पण में और इज़ाफा हो सकता है। गढ़चिरौली डिवीजन की ओर से 27 सितंबर को जारी पर्चे में भी सोनू के बयान का अनुमोदन किया गया।
प्रेस नोट में कहा गया है कि पार्टी की मौजूदा परिस्थितियां बेहद कमजोर हैं और लगातार आंतरिक कलह तथा जनता के बीच कमज़ोर होते जनाधार ने संगठन को हाशिए पर ला खड़ा किया है। लिहाज़ा, मौजूदा हालात में हथियार छोड़कर सामाजिक और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे।
Updated on:
04 Oct 2025 01:54 pm
Published on:
04 Oct 2025 01:54 pm
