
Crisis on 102 government schools: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के शासकीय स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद शिक्षा का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शासन ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने और उन्हें दूसरे स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो रहा है।
जिले में 20 से कम छात्र संख्या वाले 102 सरकारी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 96 प्राथमिक, 5 माध्यमिक और 1 हायर सेकंडरी स्कूल शामिल हैं। शासन के निर्देश के बावजूद इन स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है।
कम छात्र संख्या की समस्या केवल प्राथमिक स्कूलों तक सीमित नहीं है।
इन 102 विद्यालयों में जरूरत के अनुसार 102 शिक्षक पर्याप्त होते, लेकिन वर्तमान में 217 शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें कई स्कूलों में 2-3 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे शासन को अतिरिक्त वेतन भार उठाना पड़ रहा है।
अप्रैल 2024 में संचालक स्कूल शिक्षा, भोपाल द्वारा आदेश जारी किया गया था कि 20 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर बच्चों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाए। लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। जिला शिक्षा अधिकारी यूएन मिश्रा ने कहा कि हमने शासन को प्रस्ताव भेजा है और शीघ्र ही ऐसे विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।'
Updated on:
08 Mar 2025 09:43 am
Published on:
08 Mar 2025 09:42 am
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