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दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष का फर्जी निष्कासन पत्र वायरल करने वाले 3 पकड़ाए, तीनों भाजपाई

Datia District President : फर्जी निष्कासन पत्र कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए वायरल किया गया था। क्राइम ब्रांच ने मामले में दतिया भाजपा जिला मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और एक भाजपा कार्यकर्ता क्रिश रावत को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया है।
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Datia District President

Datia District President (जिला अध्यक्ष का फर्जी पत्र वायरल करने वाले तीन आरोपी निकले भाजपाई Photo Source- Patrika)

Datia News :मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार का सामना करने के बाद एक तरफ जहां भाजपा हार पर मंथन करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई है। इस बीच भोपाल क्राइम ब्रांच ने भाजपा के ही तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर दतिया भाजपा के जिला अध्यक्ष के फर्जी निष्कासन पत्र वायरल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बता दें कि, उपचुनाव के लिए मतदान से पहले बीते गुरुवार को दतिया में भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा के निष्कासन का फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।

आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि, उन्होंने ये फर्जी निष्कासन पत्र जिले के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को भ्रमित करने के उद्देश्य से वायरल किया था। जांच के बाद इस साजिश के लिए क्राइम ब्रांच ने भाजपा के दतिया जिला मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और एक कार्यकर्ता क्रिश रावत को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

तीनों आरोपियों को पहुंचाया जेल

पकड़े गए तीनों कार्यकर्ताओं को न्यायालय में पेश कर जेल पहुंचा दिया गया है। बता दें कि, वायरल फर्जी पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम से हस्ताक्षर कर तैयार किया गया था। इसमें दतिया के भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित करने का उल्लेख था।

इन दो गलतियों से तुरंत फर्जी साबित हुआ था पत्र

खास बात ये है कि, वायरल हुए पत्र के कूटरचित और फर्जी होने की सबसे बड़ी निशानी तो यही थी कि, उसमें न तो कोई आधिकारिक क्रमांक दर्ज था और न ही कोई तिथि अंकित थी। माना गया कि, इस फर्जी पत्र को मतदान के दिन बड़ी संख्या में वाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल किया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

अब इस जांच में जुटी क्राइम ब्रांच

क्राइम ब्रांच ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों आरोपितों की पहचान की। पूछताछ के बाद उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें दतिया से गिरफ्तार किया गया। शाहरूख खान को उसके कार्यालय से जबकि शादाब को ठंडी सड़क क्षेत्र से पुलिस ने पकड़ा गया। फिलहाल, पुलिस ये जांच कर रही है कि, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे बहुप्रसारित करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। साथ ही, आरोपितों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।