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मुस्लिम के लिए माता मंदिर के दान की जमीन

सांप्रदायिक सद्भाव की मिशाल

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दतिया. मुस्लिम आवाम कमेटी सेंवढ़ा के अध्यक्ष सुलतान खां ने सांप्रदायिक सदभाव की मिसाल पेश की है। उन्होंने भिण्ड जिले की लहार तहसील के अंतर्गत ग्राम रूरई में स्थित सिंह वाहिनी माता मंदिर के विस्तार के लिए जमीन दान की है। सुल्तान खां व उनके साथी पूर्व सरपंच रणवीर सिह चौहान की ग्राम रूरई में निजी स्वामित्व की जमीन है। रूरई सुलतान खां का पैतृक गांव है, लेकिन वह कई सालों से सेंवढ़ा में निवासरत हैं और मुस्लिम आवाम कमेटी सेंवढ़ा के अध्यक्ष हैं।

ग्राम रूरई सेंवढ़ा तहसील मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और भिण्ड जिले की लहार तहसील का हिस्सा है। ग्राम रूरई में प्राचीन सिंह वाहिनी माता का मंदिर है। यह मंदिर दोनों जिलों भिंड व दतिया के आसपास के ग्रामीणों के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर पर अक्सर धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होते रहते है। भक्तों की अधिकता कारण कई बार मंदिर परिसर जगह कम पड़ जाती थी।

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रामलीला में अभिनय करते थे पिता
सुलतान खां का कहना है कि रूरई पैतृक गांव होने की वजह से उनके पूरे परिवार की आस्था मंदिर से जुड़ी है। खां के वह धार्मिक भेदभाव को कभी स्वीकार करते। उनके पिता भी रामलीला में मुख्य पात्र की भूमिका निभाते थे। उल्लेखनीय है कि सुल्तान खां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहने के अलावा भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके द्वारा किया गया यह दान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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6 लाख की है जमीन
मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए सुलतान खां और पूर्व सरपंच रणवीर सिंह ने मिल कर करीब तीन बीघा जमीन मंदिर के लिए दान की है। दोनों ने अपने - अपने हिस्से की डेढ़-डेढ़ बीघा जमीन मंदिर को दान की है। इस जमीन की कीमत करीब छह लाख रुपए हैं। यह जमीन मंदिर में होने वाले योजनों में काम में आएगी।