
शिक्षित बेरोजगारों में जागी भत्ते की आस
राजकुमार मीना
दौसा. प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में चुनावी घोषणा पत्र में किसानों के ऋण माफ करने के साथ ही बेरोजगारों को लुभाने के लिए उनको बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की थी। घोषणा भाजपा व कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने की, अब कांग्रेस सत्ता में आई है।ऐसे में बेरोजगार युवकों को अब कांग्रेस सरकार से वादा पूरा कर 3500 रुपए प्रतिमाह भत्ता मिलने की उम्मीद जागी है।
जिले में हजारों बेरोजगार ऐसे हैं, जिनको अच्छी पढ़ाई लिखाई के बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है। अब यदि उनको 3500 रुपए प्रतिमाह भत्ता मिल जाए तो वे अपनी पढ़ाई एवं अन्य खर्च तो पूरा कर सकते हैं। उनको खर्चे के लिए परिजन या किसी दूसरे का मुंह नहीं ताकना पड़े। दौसा जिले में बेरोजगारी की भरमार है। जिला रोजगार कार्यालय में ही 34 हजार 504 शिक्षित बेरोजगार पंजीकृत हैं। बिना पंजीकृत बेरोजगारों की तो गिनती ही नहीं है।
सर्वाधिक है स्नातक बेरोजगार
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिला रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों में से स्नातक शिक्षित बेरोजगारों की संख्या सर्वाधिक है। यहां कुल 34 हजार 557 बेरोजगारों में से 22 हजार 256 स्नातक बेरोजगार पंजीकृत हैं। इनके अलावा 1090 स्नातकोत्तर, 6 हजार 204 बेरोजगार 12वीं पास व दसवीं पास 2609 शिक्षित बेरोजगार हंै।
20 प्रतिशत हैं महिलाएं
जिले में कुल पंजीकृत बेरोजगारों में से 20. 58 प्रतिशत (7 हजार 109) महिला बेरोजगार हैं। इनमें से 4 हजार 391 स्नातक महिला बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसी प्रकार 276 स्नातकोत्तर महिला, 1281 महिलाएं 12 वीं पास व 581 महिलाएं 10 वीं पास बेरोजगार पंजीकृत हैं।
अब तक इतना मिल रहा है भत्ता
जिला रोजगार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब तक स्नातक बेरोजगारों में से एससी/ एसटी, महिला एवं विशेष योग्यजनों को 750 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। जबकि अन्य सभी को 650 रुपए मासिक भत्ता दिया जाता है। हालांकि कई बरोजगारों को तो भत्ता मिल ही नहीं रहा था।
मजदूरी करने की मजबूरी
जिले में बेरोजगारी इतनी भयावह है कि 10वीं व 12वीं पास ही नहीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर बेरोजगार युवकों को मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गांवों में बेरोजगारों को पेड़ काटने, मनरेगा में मिट्टी खोदने सहित कई काम करने पड़ रहे हैं। जिले से हजारों की संख्या में बेरोजगार तो प्रतिदिन जयपुर में जाकर मजदूरी कर आते हैं।
बजरी-पत्थर ने रोकी राह
जब से बजरी व पत्थरों की खानों पर सर्वाेच्च न्यायालय ने पाबंदी लगाई है, तब से निर्माण कार्य प्राय: बंद से ही हंै। इसके बाद से बेरोजगार युवाओं को मजदूरी भी नहीं मिल पा रही है। दौसा जिला मुख्यालय पर रामकरण जोशी स्कूल के सामने व सोमनाथ चौराहे पर सुबह 8 से 11 बजे तक मजदूरों की कतार लगी रहती है।
खेती में भी नहीं है दम
जिले में अधिकांश बेरोजगार ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं। शिक्षित बेरोजगार एवं उनके परिजन खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं। पिछले कुछ वर्षों से कुएं एवं बोरवेलों में पानी सूख गया है। बारिश भी बहुत कम होती है। ऐसे में जो युवा खेती करते हैं उसमें भी मजदूरी तक नहीं निकलती है।
फैक्ट फाइल
शिक्षा बेरोजगार महिला
10वीं पास 6204 1281
12वीं पास 581 581
स्नातक 22256 4391
स्नातकोत्तर 1090 276
अभी कोई आदेश नहीं आए हैं
जिलेभर में 34 हजार 557 बेरोजगार युवा पंजीकृत है। जिन बेरोजगारों ने पहले भत्ते के लिए आवेदन कर रखे हंै, उनको भत्ता मिल रहा है। अब सरकार कितना भत्ता देने की घोषणा करती है, उसके आदेश अभी तक नहीं आए हैं।
जगदीश निर्वाण,
जिला रोजगार अधिकारी दौसा
Updated on:
19 Dec 2018 07:58 am
Published on:
19 Dec 2018 07:58 am
