
TOTAL SCAN: राजधानी के जितना नजदीक, विकास से उतना दूर
दौसा. जयपुर से सटे दौसा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी कशमकश तेज हो गई है। भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को टिकट का इंतजार है। वहीं अन्य दलों के प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं। 2013 के चुनाव के बाद अब फिर वही पानी का मुद्दा इस बार भी गर्म है। हर कोई पेयजल की स्थिति सुधारने का वादा कर रहा है, वहीं सत्ता में रहे लोग दावा कर रहे हैं कि हालात सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए गए। इन पांच सालों में दौसा की सत्ता में प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी नहीं रही। ऐसे में विकास के लिए झोली फैलानी पड़ी। जिले में कई मंत्री आए और खूब वादे किए, लेकिन विकास के नाम पर अब भी ढाक के तीन पात हैं। विपक्ष के रूप में कांग्रेस भी ज्ञापन व धरना देने तक सिमटकर रह गई।
दौसा को फिलहाल पिछड़े जिलों की श्रेणी में से निकलकर प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होने की दरकार है। यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। करीब 40 प्रतिशत आबादी तो जलदाय विभाग की सप्लाई से ही अछूती है तो जहां पानी आता है वहां भी बीते पांच सालों में अंतराल 10 दिन तक जा पहुंचा था। चिकित्सा व्यवस्था के लिए भारी-भरकम भवन वाला जिला अस्पताल है, लेकिन अंदर हालात बदतर हैं। आज भी मामूली बीमारी का इलाज जयपुर ही कराना पड़ रहा है। चिकित्सकों की लापरवाही इस कदर है कि बीते पांच सालों में दर्जनों लोगों को जान गंवानी पड़ गई। शिक्षा के क्षेत्र में बीते पांच सालों में बदलाव की रफ्तार धीमी रही। कोई बड़ा नया संस्थान चालू नहीं हुआ।
जो गत सरकार छोड़कर गईथी, उसी को आगे बढ़ाया गया। दौसा में सीवरेज का वादा नेताओं ने किया, लेकिन अभी तक उसके लिए धरातल पर कोईकाम नहीं हुआ है। शहर की यातायात व्यवस्था व सौन्दर्यीकरण दिनों-दिन खराब ही होता गया। शहर में बनी फोरलेन सड़क पर भी अतिक्रमण की मार है।
व्यापारिक दृष्टि से दौसा में कोई विकास नहीं हुआ। ना बाजार विकसित किए गए और ना ही औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा मिला। शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं है। लोग मनमानी से वाहन खड़े कर घंटों गायब हो जाते हैं। बस स्टैण्ड तक विकसित नहीं हैं। लोग सड़कों पर ही खड़े रहकर वाहनों का इंतजार करते हैं। दौसा में बायपास से रोडवेज बसों के गुजरने का सिलसिला गत सरकार से लेकर इस सरकार के कार्यकाल में भी कायम रहा। जनता की मांग के बावजूद नेता इस पर रोक नहीं लगवा सके।
दौसा में 2013 में प्राप्त मत प्रतिशत
शंकरलाल शर्मा- 65904- 46.16
मुरारीलाल मीना 40732- 28.53
लक्ष्मी जायसवाल- 17.48
राजेश बैरवा- 2.12
नोटा 1.63
दामोदर गुर्जर 1.01
रुकमणि मीना - 0.85
लक्ष्मीनारायण मीना- 0.76
सोनिका 0.58
नरेन्द्रसिंह राजपूत - 0.52
मोनिका शर्मा - 0.35
शंकर बनाम मुरारी
-शंकरलाल शर्मा पांच साल सक्रिय रहे। लोगों के बीच सक्रिय रहे। जनसमस्याओं को लेकर मंत्रियों से भी मिले। अधिकारियों से भी तालमेल रखकर काम करवाए। गेटोलाव को विकसित करने की योजना में जी-जान से लगे। ग्रामीण इलाकों में भी सतत सम्पर्क रहा।
- मुरारीलाल मीना पहले दौसा से विधायक थे। अब गत पांच साल भी क्षेत्र व संगठन में सक्रिय रहे। जनता से मुखातिब रहे तथा कई बार जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस के बैनर तले अधिकारियों से मिले तथा धरना-प्रदर्शन भी किए।
क्या थे वादे और क्या हुआ
शंकरलाल शर्मा
- क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव व कानून व्यवस्था कायम करने के वादे में सफलता मिली।
- बीसलपुर से पानी लाना उपलब्धि, लेकिन पूर्ण रूप से पेयजल समस्या दूर नहीं हुई।
- सीवरेज का काम गति नहीं पकड़ सका।
- जिला अस्पताल का विस्तार तो हुआ, लेकिन जनता को लाभ नहीं मिला।
मुरारीलाल मीना
- पानी की समस्या बढ़ गई, त्वरित निदान के ठोस उपाय नहीं हुए।
- क्षेत्र में सड़कों का खूब विस्तार हुआ। रेलवे ओवरब्रिज बना।
- मॉडल स्कूल व पॉलीटेक्निक स्वीकृत हुए।
- जिला अस्पताल में मातृ शिशु कल्याण केन्द्र बनवाया, लेकिन जयपुर रैफर की समस्या बरकरार रही।
क्षेत्र का जन एजेंडा
1. दौसा शहर में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था हो। यातायात व सौन्दर्यीकरण व्यवस्था को सुधार की दरकार।
2. जिला अस्पताल में निगरानी व प्रबंधन में हो सुधार ।
3. उद्योग-धंधे विकसित किए जाएं।
4. सरकारी इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज
5. सड़क, ड्रेनेज, सीवर निर्माण सहित विकास कार्यों का वार्डवार रोड मैप बने।
6. मास्टर प्लान के अनुसार विकास की जरूरत है।
पानी की समस्या व बेरोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। संसाधन बढ़ाने की जरूरत है। औद्योगिक क्षेत्र में विकास की जरूरतों को पूरा किया जाए। सरकारी व निजी क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बढ़ाने की योजना बनाई जाए।
मनीष गुप्ता, युवक
शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता खत्म की जाए। तकनीकी शिक्षण संस्थान खुलें। फिलहाल यहां के छात्र-छात्रा जयपुर व कोटा आदि शहरों में जा रहे हैं। सरकारी भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा फीस में कमी की जाए।
अनु शर्मा, छात्रा
Updated on:
04 Nov 2018 09:09 am
Published on:
04 Nov 2018 09:09 am
