अनाज मंडी में हड़ताल से लाखों का कारोबार प्रभावित

Business worth millions affected by strike in grain market: ट्रक ऑपरेटर्स और व्यापारियों के बीच वार्ता हुई विफल

By: gaurav khandelwal

Published: 04 Jan 2020, 09:13 AM IST

मण्डावर. अनाज मंडी में दो दिन से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल से मण्डावर अनाज मंडी में लाखों का कारोबार प्रभावित हो गया है। वहीं शुक्रवार को ट्रक ऑपरेटर्स और व्यापारियों के बीच हुई वार्ता विफल होने से हड़ताल जारी रही। जानकारी के अनुसार गुरुवार से चल रही हड़ताल को लेकर शुक्रवार को व्यापार समिति अध्यक्ष अनिल झालानी के नेतृत्व में मंडी परिसर में व्यापारियों की एक बैठक आयोजित हुई। इसमें व्यापारियों ने परिवहन अधिकारी से वार्ता के लिए एक कमेटी का गठन किया।

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इस पर वार्ता के लिए कमेटी परिवहन विभाग कार्यालय दौसा पहुंची। जहा जिला परिवहन अधिकारी की मध्यस्थता में व्यापारियों व ट्रक ऑपरेटर्स के बीच वार्ता हुई। लेकिन ट्रक यूनियन मण्डावर व व्यापार समिति मण्डावर की कमेटियों के बीच वार्ता विफल रही। वहीं व्यापारियों का कहना है कि अवैध यूनियन के साथ व्यापार नहीं किया जाएगा। वहीं मण्डावर मंडी में जिंस लेकर पहुंचे किसानों को शुक्रवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान राजेंद्र ने बताया की वह बाजरा बेचने के लिए मंडी में पहुंचा लेकिन मंडी बंद होने से वह घरेलू सामान व खाद नहीं खरीद पाया। इसी तरह अन्य कई किसानों को भी दुखी होकर बैरंग अपने घर लौटना पड़ा।

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कृषि मण्डी दूसरे दिन भी रही बन्द

लालसोट. नई मण्डी में शुक्रवार को दूसरे दिन भी व्यापारियों ने पल्लेदार संघ द्वारा मजदूरी बढ़ाने के विरोध में मण्डी में कामकाज बन्द रखकर हड़ताल जारी रखी। कृषि उपज मण्डी समिति सचिव ममता गुप्ता की मौजूदगी में ग्रेन मर्चेण्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं पल्लेदार संघ के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं हो सकी। पल्लेदार 40 प्रतिशत मजदूरी बढ़ाने पर आमादा रहे। व्यापारियों ने कहा कि अन्य मण्डियों की तुलना करके वाजिब मजदूरी बढ़ाने के लिए वे आपत्ति नहीं करते हैं। वार्ता में ग्रेन मर्चेण्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवल झालानी, प्रकाश नाटानी, सत्यनारायण सौखिया, ओमप्रकाश बडाया, जगदीश अग्रवाल, सुरेश चौधरी, मुकेश कोराका एवं पल्लेदार संघ के हीरालाल सैनी, कमलेश सैनी आदि मौजूद थे। वार्ता में किसी प्रकार की सहमति नहीं बन पाई।

पल्लेदार अपने निर्णय पर अड़े रहे, वहीं व्यापारियों ने भी पल्लेदारों की पेशकश को ठुकरा दिया। इस तरह मजदूरी बढ़ाने के मामले को लेकर दोनो पक्षों में गतिरोध के चलते मण्डी बन्द रही। मण्डी में कृषि जिंस लेकर आने वाले किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मण्डी बन्द रहने से मण्डी परिसर में लोगों की आवक काफी कम रही। जानकारी के अनुसार इसी तरह का गतिरोध बना रहा तो शनिवार को भी मण्डी खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। (नि.सं.)

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