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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: जागरूक होने की जरूरत

Clean Survey 2020: need to beware: सामूहिक प्रयास से जिले के चारों नगर निकाय क्षेत्र की रैंकिंग को बेहतर बनाने का संकल्प लेना होगा।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: जागरूक होने की जरूरत

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020: जागरूक होने की जरूरत

टिप्पणी: गौरव खण्डेलवाल


स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की दो तिमाही की रिपोर्ट दौसा जिले के प्रशासनिक अमले व आमजन को जागरूक होने का संकेत दे गई है। दौसा व बांदीकुई की स्थिति ठीक कही जा सकती है, लेकिन अभी काफी सुधार की जरूरत है। वहीं लालसोट की हालत चिंताजनक है। ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनी महुवा के हालत सुधरने चाहिए थे, लेकिन परिणाम उल्टे आए हैं। सफाई के मामले में देश के पहले 1200 शहरों में भी हमारे जिले के एक भी शहर का नाम नहीं होना अ'छा नहीं कहा जा सकता है।

Clean Survey2020: need to beware



दौसा में पिछले कुछ दिनों से रात्रिकालीन सफाई व घर-घर कचरा संग्रहण होने से सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। वहीं सार्वजनिक शौचालयों व पार्कों की स्थिति अभी भी खराब है। कचरे का निस्तारण भी ठीक नहीं है। शहर के समीप ही ढेर लगे हुए हैं। ड्रेनेज सिस्टम खराब है। यही हाल बांदीकुई का है। शहर के बीचों-बीच कई जगह कचरा जमा रहता है। लालसोट की सूरत बिगड़ी होने के पीछे वहां खुले नाले, संकरे रास्ते, कचरे का उठाव व निस्तारण की व्यवस्था सही नहीं होना है। यहां ना तो रात्रिकालीन सफाई होती है और न ही घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था ठीक है। महुवा 25 हजार से कम आबादी वाला शहर। ऐसे में यहां प्रशासन बेहतर ढंग से कार्य कर ऊंचा पायदान हासिल कर सकता है।


शहरों का स्व'छता में पिछडऩे का एक कारण कार्मिकों का अभाव भी है। निकायों के पास खुद के कर्मचारी कम संख्या में हैं। आधे से अधिक शहर ठेकेदारों के हवाले रहता है। अब ठेकेदार व अधिकारियों के गठजोड़ का उद्देश्य कमाई भी हो जाता है। ऐसे में ईमानदारी से कार्य नहीं होता है। जनता में भी नगर निकायों की छवि खराब है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को शहर की सूरत को सुंदर बनाने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने होंगे। साथ ही जन-जागरूकता के कदम उठाकर नियमों का सख्ती से पालना भी किया जाए। कचरा फैलाने पर जुर्माने का नियम बस कागजों में ही दबा हुआ है।


सरकार व प्रशासन के अलावा शहर के नागरिकों का भी दायित्व है कि वे सफाई का पूरा ध्यान रखें। सार्वजनिक स्थलों को अपने घर की तरह समझें। खुले में मल-मूत्र, पीक थूकना, गंदगी रास्ते में डालना आदि नजारे आम है। सार्वजनिक संगठनों को भी जन जागरूकता के लिए आगे आना चाहिए। जनवरी में फिर जन सर्वेक्षण का काम चल रहा है। ऐसे में सामूहिक प्रयास से जिले के चारों नगर निकाय क्षेत्र की रैंकिंग को बेहतर बनाने का संकल्प लेना होगा।

Clean Survey2020: need to beware