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दौसा. प्रशासन व पुलिस ने कसी नकेल: चुनाव में शराब बांटी तो खैर नहीं

शराब के गोदामों पर भी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
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दौसा. प्रशासन व पुलिस ने कसी नकेल: चुनाव में शराब बांटी तो खैर नहीं

दौसा. शराब गोदाम पर लगाया गया सीसीटीवी कैमरा।

दौसा. बांदीकुई. विधानसभा चुनाव के तहत आदर्श आचार संहिता लगते ही प्रशासन व पुलिस ने नशे के कारोबार पर विशेष निगरानी रखना शुरू कर दिया है। चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए अगर किसी ने शराब बांटी तो उसकी खैर नहीं होगी।

इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिले में अब तक आबकारी व एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 4 करोड़ का माल पकड़ा भी जा चुका है। सूत्रों के अनुसार गत चुनाव में पूरी अवधि के दौरान जितनी कार्रवाई हुई थी, इस बार उससे अधिक अब तक की जा चुकी है।

जिला निर्वाचन अधिकारी व एसपी पहले से ही चुनाव के मद्देनजर सक्रिय रहकर टीम से अवैध कारोबार पर नकेल लगवाने में जुटे हुए थे। लगातार जिले में कार्रवाई कर आरोपियों को भी पकड़ा जा रहा है।

गौरतलब है कि चुनाव में शराब के दुरुपयोग की संभावना रहती है। मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए शराब वितरण की सूचनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के निर्देश पर शराब सप्लाई होने वाले गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए है। राजस्थान स्टेट ब्रेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीन गोदामों पर कैमरे लगवाए हैं। जिले में दौसा एवं बांदीकुई में देशी शराब के गोदाम हैं। वहीं दौसा में अंग्रेजी शराब का गोदाम है। यहां से जिले के 137 अनुज्ञापत्रधारी दुकानों पर शराब की सप्लाई होती है।

इन गोदामों पर तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इसकी रिकार्डिंग प्रत्येक 15 दिन के अंतराल में भिजवाई जाएगी। गौरतलब है कि शराब से सरकार को जिले से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का राजस्व मिलता है। इस वर्ष 245 करोड़ रुपए का लक्ष्य है। पहले दुकानों पर लगाए थे सीसीटीवी कैमरे गत चुनावों के दौरान अनुज्ञापत्रधारी शराब की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इससे पता चल सके कि कोई व्यक्ति बल्क (अधिक मात्रा) में शराब तो नहीं ले रहा है, लेकिन इस बार सरकारी गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश है। ऐसे में विभागीय स्तर पर भी प्रभावी मॉनिटङ्क्षरग हो सकेगी।