
लव मैरिज मामला। पत्रिका फाइल फोटो
दौसा। रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के कंवरपुरा गांव से जुड़े प्रेम विवाह प्रकरण में आयोजित एक खाप पंचायत का कथित निर्णय विवादों में आ गया है। पंचायत में प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार पर 21 लाख रुपए का जुर्माना लगाने तथा जुर्माना नहीं देने पर सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी देने के आरोप लगे हैं। पंचायत के निर्णय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
जानकारी के अनुसार दौसा जिले के कंवरपुरा गांव निवासी एक विवाहिता ने अपने समाज के ही दूसरे युवक के साथ प्रेम विवाह कर लिया । इस मामले को लेकर कौशी बड़ी आश्रम में पंचायत आयोजित की गई। वायरल वीडियो में कथित रूप से पंचायत के प्रतिनिधियों की ओर से युवक पक्ष पर 21 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाने की घोषणा की गई है। इसमें शादी से जुड़े खर्च, जेवरात एवं अन्य मदों को शामिल बताया गया है।
साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों में 51 लाख रुपए तक जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है। युवक के परिजनों का आरोप है कि पंचायत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए जबरन जुर्माना लगाया और राशि जमा नहीं करने पर सामाजिक बहिष्कार की धमकी दी। उनका कहना है कि युवक और महिला पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे तथा दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह किया है।
क्षेत्र की एक युवती अपने परिवार के साथ जयपुर क्षेत्र में रहती थी। उसकी शादी 29 अप्रेल को कंवरपुरा गांव निवासी एक युवक के साथ हुर्ई। लेकिन शादी के करीब दो माह बाद ही यह नव विवाहिता घर से चली गई और उसने रामगढ पचवारा निवासी एक युवक के साथ रहने लगी थी, इस मामले को लेकर परिजनों की ओर से जयपुर के कानोता थाने में गुमशुदगी का प्रकरण भी दर्ज कराया था, जिस पर महिला ने उक्त युवक के साथ ही रहने के संबंध में अपने बयान दर्ज कराए थे। कंवरपुरा गांव के ससुराल पक्ष के लोगों की मांग है कि उनकी महिला को लौटाया जाए या उनका सामाजिक स्तर पर कोई निर्णय किया जाए। इस मुद्दों को लेकर पंचायत का आयोजन हुआ था।
मामले में युवक पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में सात-आठ नामजद व्यक्तियों सहित अन्य लोगों पर सामाजिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाए गए हैं। वायरल वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आया है और मामले की जांच की जा रही है।
-मदनलाल, थानाधिकारी रामगढ़ पचवारा
13 जुलाई को आयोजित बैठक सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा के लिए थी, जबकि 14 जुलाई को हुई कथित खाप पंचायत का आयोजन संगठन की ओर से नहीं किया गया। संगठन ऐसे जुर्माने या दंडात्मक निर्णयों का समर्थन नहीं करता।
-रामभजन मीना, महामंत्री, राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ रामगढ़ पचवारा
Updated on:
16 Jul 2026 07:03 am
Published on:
16 Jul 2026 06:53 am
