दौसा: भाजपा के टिकट पर दिग्गज खिलाडिय़ों का यूं फंसा पेच

दौसा: भाजपा के टिकट पर दिग्गज खिलाडिय़ों का यूं फंसा पेच

Mahesh Jain | Publish: Apr, 13 2019 01:11:16 PM (IST) | Updated: Apr, 13 2019 04:18:26 PM (IST) Dausa, Dausa, Rajasthan, India

पार्टी के शीर्ष नेता भी नहीं कर पा रहे हैं निर्णय -

सीट बनी नाक का सवाल, डर-कहीं हो ना जाए बवाल

 

दौसा।

प्रदेश की हॉट लोकसभा सीट दौसा पर राजनीति के दिग्गज खिलाडिय़ों का ऐसा पेंच फंसा है कि भाजपा पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी भी टिकट घोषित नहीं कर पा रहे हैं। दौसा सीट वैसे तो शुरू से ही हॉट सीट रही है, लेकिन इस बार राजनीतिक के खिलाडिय़ों ने टिकट को नाक का सवाल बना दिया है। वहीं पार्टी के शीर्ष नेताओं को यह डर है कि टिकट घोषित करते ही नाराज दावेदार कहीं बगावत ना कर जाए। ऐसे में भीतरघात से नुकसान को देखते हुए अभी टिकट मझधार में है। टिकट की धड़ेबाजी शीर्ष स्तर तक है। किसका मान रखे और किसे दरकिनार करे संभव नहीं हो पा रहा है।

एक और लंबे राजनीतिक अनुभव व भाजपा के स्टार प्रचारक डॉ. किरोड़ीलाल मीना अपनी पत्नी गोलमा देवी को टिकट दिलाना चाह रहे हैं। वह संघ से जुड़े रहे हैं। चर्चा है कि पत्नी की टिकट नहीं दिया तो खुद भी चुनावी दंगल में कूद सकते हैं। किरोड़ी की पहुंच भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक है। दूसरी ओर ओमप्रकाश हुड़ला अपनी पत्नी प्रेमप्रकाश को टिकट दिलाना चाह रहे हैं। उनकी खास बात यह है कि गत दो विधानसभा चुनाव में उन्होंने किरोड़ी की पत्नी गोलमा व भतीजे राजेन्द्र दोनों को मात दी है। गत विधानसभा चुनाव में वे निर्दलीय जीते। ऐसे में उनका कद भी बड़ा माना जा रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी हुड़ला का समर्थन कर रही है। तीसरे नाम में पूर्व मंत्री जसकौर मीना है। पूर्व में मंत्री रह चुकी है। जसकौर मीना के प्रकाशजावडेकर से अच्छे संबंध बताए जा रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री भी प्रत्याशी के रूप में जसकौर को प्राथमिकता दे रहे हैं। चौथा नाम रामकिशोर मीना का है। जो किसी भी गुट में नहीं है। पूर्व मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में इन्हें भी प्राथमिकता मिल सकती है। दावेदार काफी समय से दिल्ली व जयपुर में डेरा डाले हुए हैं। कुल मिलाकर दावेदारों ने पूरी ताकत झौंक रखी है। अब दौसा सीट की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गई है।

जानिए भाजपा के दावेदारों के बारे में कौन क्यों है भारी

डॉ. किरोड़ीलाल मीना-
67 वर्षीय डॉ. किरोड़ीलाल मीना लंबे समय से राजनीति में है। उनका दौसा व क्षेत्रीय राजनीति में दबदबा है। अभी राज्यसभा सांसद हैं। वे एमबीबीएस डॉक्टर का पेशा छोड़कर राजनीति में आए। वे पूर्व में लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए। वर्ष 2008 में भाजपा छोड़ दी थी। बाद में राजपा पार्टी बनाई। लेकिन 2018 में पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्हें वापस ले लिया। पार्टी ने उनकी भूमिका को देखते हुए अभी स्टार प्रचारक बना रखा है। खुद राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पत्नी गोलमा देवी को भी मंत्री बनवा चुके हैं। इस बार वह पत्नी गोलमा देवी व भाई जगमोहन मीना जो कि पूर्व आईएएस है को टिकट दिलवाना चाह रहे हैं।

 

 

Kirori Lal Meena

 

ओमप्रकाश हुड़ला-

1972 में जन्मे हुड़ला सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आए। लगातार दो बार दौसा की महुवा सीट से विधायक निर्वाचित हुआ। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, और डॉ. किरोड़ी की पत्नी पूर्व मंत्री गोलमा देवी को पराजित किया। दूसरी बार 2018 के चुनाव में डॉ. किरोड़ी ने हुडला का भाजपा से टिकट कटवा दिया। भतीजे राजेन्द्र को मैदान में उतारा, लेकिन हुड़ला से निर्दलीय चुनाव लड़कर किरोड़ी के भतीजे को परास्त किया। इस प्रकार महुवा में लगातार दो बार जीत दर्ज कर अपना कद बढ़ाया। अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी हुडला का समर्थन कर रही है। ओमप्रकाश हुडला अपनी पत्नी प्रेमप्रकाश हुड़ला को टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं।

 

 

Om Prakash Hudla

 

जसकौर मीना-

जसकौर मीना पूर्व केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री(1999-2004) रह चुकी है। सवाईमाधोपुर सीट से लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुकी है। जसकौर भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रही । लंबे समय तक केन्द्रीय कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष रही है। पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल लालकृष्ण आडवाणी व पूर्व शिक्षा मंत्री गुलाबचंद कटारिया से अच्छे संबंध हैं। 72 वर्षीय जसकौर पूर्व में जिला शिक्षाधिकारी पद पर भी रह चुकी है। जसकौर के बेटी का पति जंवाई आएएस महाराष्ट्र में कार्यरत है। उनके प्रकाशजावडेकर से अच्छे संबंध बताए जा रहे हैं।

 

Jaskaur Meena

 

रामकिशोर मीना-
68 वर्षीय रामकिशोर मीना 4 बार सिकराय से विधायक रह चुके हैं। राज्य सरकार में पूर्व में केबीनेट मंत्री रह चुके हैं। दौसा से सांसद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। साफ सुथरी छवि है। भाजपा के साथ हमेशा रहे। वर्तमान में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। साथ ही सामान्य मतदाताओं पर भी पकड़ है वहीं संगठन का भी अच्छा अनुभव है। रामकिशोर भी दूसरी बार लोकसभा टिकट की दौड़ में है।

 

Ram Kishor Meena
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