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चिकित्सक के अभाव में डायलिसिस सुविधा बंद

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चिकित्सक के अभाव में डायलिसिस सुविधा बंद

दौसा ग्रामीण. किडनी के मरीजों के लिए जीवनरक्षक डायलिसिस की सुविधा चिकित्सक के अभाव में जिला चिकित्सालय प्रशासन की ओर से मंगलवार को बंद करा दी गई। जिला अस्पताल में इस सुविधा के बंद होने से मरीजों को मजबूरी में जयपुर एवं अन्य जगहों पर जाने से खासी परेशानी झेलनी पड़ेगी।


जानकारी के अुनसार राज्य सरकार की ओर से एक कंपनी से अनुबंध के तहत 15 मार्च 2018 को जिला चिकित्सालय में पीपीपी मोड पर डायलिसिस सेन्टर शुरू हुआ ।गत 9 माह में मरीज 700 से अधिक बार डायलिसिस कराकर लाभान्वित को चुके हैं। इससे मरीजों को जयपुर, अलवर एवं अन्य शहरों मे जाने की समस्या से छुटकारा भी मिला।

महिला, वृद्धजन, बीपीएल कार्डधारी एवं भामाशाह कार्डधारियों के लिए यह सुविधा नि:शुल्क है, लेकिन यहां कभी दवाइयां, पानी की कमी एवं कभी चिकित्सक के नहीं होने से मरीजों एवं उनके परिजनों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मंगलवार को चिकित्सक के नहीं होने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन की ओर से डायलिसिस यूनिट में यह सुविधा बंद करा दी गई है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


यह है तय शुल्क


चिकित्सा विभाग एवं कंपनी के बीच तय करार के मुताबिक भामाशाह, बीपीएल कार्डधारी, वृद्धजन एवं महिलाओं के लिए यह सुविधा नि:शुल्क है। इसके अलावा अन्य किसी मरीज के डायलिसिस कराने के लिए 1082 रुपए तय है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक नि:शुल्क केटेगिरी के डायलिसिस ही हुए हैं।


अवगत करा दिया
जिला चिकित्सालय स्थित यूनिट में चिकित्सक के नहीं होने से डायलिसिस नहीं करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही चिकित्सक के आने पर दोबारा यह सुविधा शुरू हो सकेगी।

डॉ. बीके बजाज, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय, दौसा


गुल हुई बिजली


जिला चिकित्सालय में मंगलवार शाम काफी देर तक बिजली गुल हो गई। इससे वार्ड में भर्ती एवं अन्य मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। खास बात यह है कि अस्पताल में जनरेटर की सुविधा होने के बाद भी शुरू नहीं होने से मरीजों एवं परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खुलती हुई नजर आई। रजिस्ट्रेशन काउण्टरों पर मरीज खड़े रहे।