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न्यून की जगह भरपूर नामांकन वाले स्कूल को कर दिया अंग्रेजी माध्यम!

दशकों पुराने रेलवे स्कूल का मामला, विद्यार्थियों व शिक्षकों में असमंजस

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railway school dausa

न्यून की जगह भरपूर नामांकन वाले स्कूल को कर दिया अंग्रेजी माध्यम!

दौसा. राज्य सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रत्येक जिला मुख्यालय के एक विद्यालय को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के नाम से अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित करने का आदेश जारी कर दिया। दौसा जिला मुख्यालय पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन को अंग्रेजी माध्यम का किया गया है, लेकिन सरकार के इस निर्णय पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


इस विद्यालय में 1 हजार 527 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो जिले में सर्वाधिक नामांकन है। ऐसे में अब स्कूल के अंग्रेजी माध्यम होने पर इन विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। खास बात यह है कि सरकार ने जिला अधिकारियों से ऐसे विद्यालयों का चयन करने को कहा था जिनमें अन्य विद्यालयों से तुलनात्मक रूप से नामांकन न्यून हो। अब न्यून की जगह अधिकारियों ने भरपूर नामांकन वाले विद्यालय का चयन कर लिया।


ये था आदेश


30 मई को उपनिदेशक ने आदेश जारी कर डीईओ माध्यमिक से ऐसे विद्यालय के नाम का प्रस्ताव अंग्रेजी माध्यम के स्कूल के लिए मांगा था, जिसमें अन्य विद्यालयों से नामांकन न्यून हो। जिला मुख्यालय पर 1 से 12 तक संचालित हो। स्वयं का भवन व भूमि, पर्याप्त अतिरिक्त कक्षा-कक्ष व अन्य मूलभूत सुविधाएं हों। अब जिस विद्यालय का चयन हुआ है, वह जिले में नामांकन में टॉपर है। आदेश के विपरीत निर्णय नजर आता है।



यह होगा असर


रेलवे स्कूल में सैंथल मोड़, पटरी पार, नई मंडी रोड, बजरंग मैदान सोमनाथ रोड आदि इलाकों की दर्जनों कॉलोनियों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब विद्यार्थियों व अभिभावकों में आशंका है कि हिंदी माध्यम के विद्यालय के लिए उन्हें दूर भेजना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय की दूरी के कारण उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई से दूर ना कर दें, यह भी आशंका बनी हुई है। आजादी से पहले से संचालित इस विद्यालय के अंग्रेजी माध्यम होने के बाद बंद होने की आशंका भी है।

इस विद्यालय में पढ़ चुके इलाके के हजारों लोगों की भावनाएं इस स्कूल से जुड़ी हुईहैं। विद्यालय का परिणाम व नामांकन भी बेहतर है। इसके बावजूद विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम का करने से लोग अचम्भित हैं। अंग्रेजी माध्यम से कमजोर तबके के लोग जुड़ पाएंगे या नहीं, यह भी सवाल है।

शुरुआत में आठवीं तक


सरकार ने भले ही उच्च माध्यमिक स्तर तक के विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम में बदला हो, लेकिन शुरुआत में 1 से 8 तक की कक्षाओं का संचालन ही अंग्रेजी माध्यम में किया जाएगा। प्रत्येक साल एक-एक कक्षा बढ़ाई जाएगी। स्थापना के चतुर्थ वर्ष में विद्यालय का स्तर प्रथम से बारहवीं तक का होगा। विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी यदि अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा नियमिति नहीं रखना चाहते हैं तो उन्हें नजदीकी के हिंदी माध्यम के विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा।


पदस्थापन के लिए इंटरव्यू


सरकार ने महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पदस्थापन के लिए वाक इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। प्रधानाचार्य के लिए निदेशालय बीकानेर में इंटरव्यू होंगे। वरिष्ठ अध्यापक, अध्यापक लेवल एक व दो तथा अन्य पदों के लिए डाइट में 26 व 27 जून को होंगे। लेवल वन व दो के लिए जिले में ही कार्यरत अभ्यर्थी आवेदन कर सकता है। फिलहाल इस विद्यालय में लगे अध्यापकों में चिंता है कि उनका क्या होगा।

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एक नजर में रेलवे स्कूल
स्थापना- 1945
छात्र संख्या- 1527
छात्र- 1068
छात्राएं- 459
कक्षा-कक्ष- 35
स्टाफ-45

इनका कहना है...
जिला मुख्यालय पर चार उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय हैं। एक विद्यालय रामकरण जोशी तथा एक आनंद शर्मा के नाम से है। इसलिए अब महात्मा गांधी के नाम से करने के लिए रेलवे स्कूल को चुना गया। पहले साल आठवीं कक्षा तक के लिए संचालन होगा।
घनश्याम मीना, डीईओ माध्यमिक दौसा