
दौसा। कृषि विभाग की टीम ने सोमवार को जसोता गांव में खरीफ फसलों में कीट, रोग प्रकोप का जायजा लिया। कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण) अशोक कुमार मीना ने बताया की क्षेत्र में बाजरा फसल में सफेद लट व फड़का कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है।
इस दौरान कृषि अधिकारियों ने बताया कि किसान सफेद लट नियंत्रण के लिए बाजरे की खड़ी फसल में इमिडाक्लोप्रिड 17.8 % SL 500 मिलीलीटर या क्यूनालफॉस 25 EC4 लीटर दवाई प्रति हैक्टेयर की दर से 80 से 100 किलोग्राम सूखी मिट्टी या बजरी में मिलाकर वर्षात आने से कुछ समय पहले भुरकाव करें। यदि बारिश नहीं हो रही है तो फव्वारा चला कर सिंचाई करें, ताकि कीटनाशक पानी के साथ घुलकर जड़ क्षेत्र तक जाए।
मानसून की पहली बारिश से 21 दिन तक लट की पहली व दूसरी अवस्था को नियंत्रण किया जा सकता है। फड़का नियंत्रण के लिए प्रारम्भ में खेत की मेड़ों से घास की कटाई कर दें एवं क्यूनालफोस चूर्ण 1.5 % पाउडर का भुरकाव करें, जिससे फड़के को नष्ट किया जा सके। इस दौरान कृषि अधिकारी (फसल) दौसा धर्मसिंह गुर्जर, कृषि पर्यवेक्षक जसोता सुशीला गुर्जर, बजरंगलाल सैनी सहित कई किसान मौजूद रहे।
Published on:
23 Jul 2024 11:28 am
