5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कलश यात्रा के साथ संत सम्मेलन का आगाज

पुष्प वर्षा से किया स्वागत
2 min read
Google source verification
कलश यात्रा के साथ संत सम्मेलन का आगाज

कलश यात्रा के साथ संत सम्मेलन का आगाज

चौबड़ीवाला (कुण्डल). चौबडीवाला गांव के बालाजी की ढाणी में तीन दिवसीय संत सम्मेलन का आगाज सोमवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। प्रभुदयाल गुर्जर ने बताया कि सोमवार प्रात: 7 बजे कलश यात्रा चौबडीवाला गांव के ठाकुरजी मन्दिर से ध्वज और कलश पूजन के बाद गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई। इसमें महिला श्रद्धालु रंग-बिरंगे परिधानों में सजकर सिर पर मंगल कलश रखकर मंगलाचार गाते हुए डीजे की धुन पर नृत्य करती हुई चल रही थी। पुरुष श्रद्धालु बालाजी के जयघोष करते हुए और अबीर गुलाल उड़ाते हुए चले। कलश यात्रा ठाकुरजी मन्दिर से रवाना होकर गांव तथा सभी धार्मिक स्थलों की परिक्रमा करते हुए करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित कार्यक्रम स्थल बालाजी की ढाणी में पहुंची।

कार्यक्रम स्थल पर बडोली आश्रम के संत स्वामी विवेकानन्द सरस्वती की अध्यक्षता में आश्रम जिंद हरियाणा, ड़ीग भरतपुर, सज्जनपुर हरियाणा, लालसोट, आंधिया खेडा नादौती, हरिद्वार, रलावता, बांदीकुई, वृन्दावन धाम, टुडियाना महवा सहित अन्य राज्यों में संचालित आश्रमों के संतों ने सम्मेलन में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देकर सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कलश यात्रा का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पर गुलाब के पुष्पों की वर्षा करके स्वागत किया। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मार्ग में जगह-जगह ठण्डाई, शर्बत और ठण्डे पानी की प्याऊ लगाई।
घोड़ी नृत्य रहा आकर्षण का केन्द्र : कलश यात्रा के दौरान डीजे की धुन पर घुड़सवारों ने अनेक हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया। घोड़ी नृत्य और घुड़ दौड़ सहित अन्य कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।

गुढ़लिया-अरनिया. ग्राम पंचायत गुढ़लिया में हो रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी सजीव झांकी सजाई गई। महिलाओं ने बधाई गीत गाए और पुष्प वर्षा की। इस दौरान हाथी घोड़ा पालकी-जय कन्हैयालाल की एवं नंद के आनंद भयो के भजनों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचे। कथावाचक पं. माधोप्रसाद शर्मा ने कहा कि मनुष्य को ज्ञान मार्ग से भक्ति करनी चाहिए। तभी कल्याण संभव है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं राम के जन्मोत्सव से जुड़ा प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर अधर्म बढऩे पर भगवान स्वयं मानव रूप में अवतरित होकर पाप का नाश कर धर्म की स्थापना करता है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी अधर्म का नाश करने के लिए जन्म लिया था। इस मौके पर महेशचंद शर्मा, मुरारीलाल सैनी, गुडडू भादूका, ओमप्रकाश शर्मा, रामावतार जांगिड़, अशोक पारीक, लक्ष्मीनारायण मीणा, बलवीरसिंह, रमेश झलानी सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

दुब्बी. कस्बे के गांव भोजपुरा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक पं.सतराम ने कहा कि मनुष्य जीवन में हमेशा सत्य के मार्ग पर ही चलना चाहिए। सत्य की हमेशा जीत होती है। कृष्ण जन्म व गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई। झांकी भी सजाई। भजनों पर महिलाओं ने नृत्य किया। इस दौरान राजेन्द्रप्रसाद शर्मा, सतीश उपाध्याय, पवन, राहुल, सुमित, गौरव आदि थे।