
रूठों को मनाने और बागियों को बैठाने पर फोकस
दौसा. नामांकन दाखिले का काम पूरा होने के बाद अब बगावत का झण्डा बुलंद कर मैदान में ताल ठोकने वाले नेताओं को बैठाने पर भाजपा व कांग्रेस के संगठन नेताओं का जोर है। इसके अलावा प्रत्याशी उन प्रमुख लोगों से सम्पर्क साध रहे हैं जो अलग-अलग कारणों से रूठ कर बैठे हैं।
जिले की महुवा सीट प्रदेशभर में हॉट सीट बनी हुई है। यहां बागियों ने दोनों ही दलों की नींद उड़ा दी है। भाजपा से बगावत कर विधायक ओमप्रकाश हुड़ला ने निर्दलीय ताल ठोक रखी है तो कांग्रेस से बगावत कर पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह मैदान में हैं। भतीजे राजेन्द्र मीना को जद्दोजहद के बाद टिकट दिलवाने में कामयाब रहे राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीना पर सबकी नजर है।
किरोड़ी की पत्नी गोलमा देवी सपोटरा से चुनाव लड़ रही है तो भतीजा महुवा से। इसके अलावा कुछ अन्य सीटों से भी उनके नजदीकी प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में किरोड़ी के सामने अब महुवा पर पकड़ रखकर कामयाबी दिलाना चुनौती है। हालांकि किरोड़ी के भाई जगमोहन मीना ने महुवा आकर मोर्चा संभाल लिया है तथा मान-मनोव्वल का काम कर रहे हैं।
इधर, हुड़ला ने टिकट कटने के बाद जनता के बीच भावनात्मक संवाद शुरू किया है। साथ ही गत पांच वर्ष के काम भी गिनाने से नहीं चूक रहे। कांगे्रस बगावत से जूझ रही है। अजीत सिंह के ताल ठोकने से कांग्रेस में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पार्टी प्रत्याशी अजय बोहरा के साथ सारे स्थानीय नेता नजर नहीं आ रहे। मनुहार का काम चल रहा है।
बांदीकुई-दौसा पर भी निगाहें
बागियों को लेकर दौसा व बांदीकुई सीट पर भी निगाहें हैं। दौसा में भाजपा से बगावत कर पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल मैदान में हैं। इससे भाजपा के शंकरलाल शर्मा के साथ कांग्रेस के मुरारीलाल मीना का खेमा भी चिंतित है। बंशीवाल के होने से एससी वोट बैंक के छिटकने की आशंका है। बंशीवाल को पक्ष में करने के लिए जोर लगाया जा रहा है।
इसी तरह बांदीकुई में भाजपा से रामकिशोर सैनी मैदान में हैं, लेकिन बगावत कर रामकरण सैनी ने ताल ठोक दी है। इसके अलावा बसपा के भागचंद टांकड़ा भी भाजपा खेमे के लिए चिंता का सबब हैं। वहीं कांग्रेस से बगावत कर वेदप्रकाश शर्मा मैदान में हैं। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी जीआर खटाणा का खेमा बगावत को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
आलाकमान ने मांगी रिपोर्ट
भाजपा व कांग्रेस के आलाकमान ने जिला संगठन से प्रत्येक सीट पर बगावत की रिपोर्ट मांगी है। जिला स्तर से प्रदेश नेताओं को अवगत करा दिया गया है। इसके बाद मान-मनोव्वल का काम भी चल रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के आला नेता महुवा पर ध्यान दे रहे हैं। अन्य सीटों पर बगावत को गंभीरता से नहीं लिया है। हालांकि दौसा सीट पर स्थानीय स्तर पर प्रयास चल रहा है। वहीं भाजपा की नजर बांदीकुई सीट पर है। यहां माली व सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों को बैठाने के प्रयास चल रहे हैं। फिलहाल दोनों ही दलों से कोई बड़ा नेता दौसा में नहीं पहुंचा है, लेकिन दूरभाष व दूतों के जरिए ही बातचीत चल रही है।
बागियों को मनाने का काम चल रहा है। आशा है कि सभी मानकर पार्टी के लिए काम करेंगे। प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर से बात की जा रही है।
रामजीलाल ओढ़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दौसा
जो भी नाराज है या बगावत कर मैदान में उतरा है, उनसे बात चल रही है। जल्दी ही सब ठीक कर एकजुटता से चुनाव लड़ा जाएगा।
सत्यनारायण शाहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष दौसा
Published on:
22 Nov 2018 08:15 am
