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भूमिगत केबल बिछाकर भूल गया निगम

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भूमिगत केबल बिछाकर भूल गया निगम

बांदीकुई. बिजली निगम की ओर से आए दिन होने वाले फाल्ट एवं ट्रिपिंग की समस्या से निजात पाने के लिए करीब एक वर्ष पहले भूमिगत बिजली की केबल बिछाई गई। इससे बिजली सप्लाई के लिए अलग से फीडर भी बनाया गया, लेकिन निगम भूमिगत केबल बिछाकर भूल गया और अभी तक बिजली सप्लाई चालू नहीं हो सकी है।


सूत्रों के मुताबिक निगम की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे बिजली के खंभों को हटाकर भूमिगत केबल बिछाने की योजना थी। इससे हवा चलने व आपस में तार भिडऩे पर फॉल्ट होने की समस्या से निजात मिल सके और लोगों को निर्बाध बिजली सप्लाई हो सके।

इसी कड़ी में निगम की ओर से प्रथम चरण में जांच बतौर शहर में चौथा फीडर बनाया गया। इसके लिए करीब 20 लाख रुपए से अधिक लागत खर्च कर जीएसएस से चौथे फीडर के लिए केबल भी बिछा दी गई, लेकिन अभी तक सप्लाई चालू नहीं किए जाने के कारण खर्च किए रुपयों का उपभोक्ताओं को कोई लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। यह केबल जमीन के अंदर धूल फांक रही है। हालांकि विभागीय अधिकारी बिजली सप्लाई चालू करने की स्वीकृति नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।


खास बात यह है कि जब बिजली सप्लाई के लिए केबल बिछाई गई है तो सप्लाई की स्वीकृति क्यों नहीं मिल रही। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि पालिका प्रशासन भी शहर में सड़क किनारे लगे हुए बिजली के खंभों को हटवाकर सुव्यवस्थित लगाने या फिर भूमिगत बिछाने के लिए प्रयासरत हैं। इससे शहर के सौन्दर्यीकरण को भी बढ़ावा मिल सके, लेकिन ये योजनाएं कागजों में ही सिमटती दिखाई दे रही हैं।


अधिशासी अभियंता रामहेत मीणा केबल बिछा दी गई है, लेकिन सप्लाई के लिए आउटडोर बॉक्स लगाया जाना है। आउटडोर बॉक्स आने पर ही सप्लाई चालू हो सकेगी। अन्य कोई केबल बिछाने का कार्य नहीं हुआ है। वहीं नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मी जायसवाल का कहना है कि बिजली की लाइन को भूमिगत बिछाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लेकर निगम से तकमीना मांगा जाएंगा। इससे शहर में लगे आड़े-तिरछे खंभे हटने से सौन्दर्यीकरण बढ़ सके।