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Dausa: ‘गिव अप’ अभियान में इतने हजार परिवारों ने स्वेच्छा से त्यागा NFSA लाभ, 670 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी

खाद्य विभाग ने ‘गिव अप’ अभियान के तहत सरकारी कार्मिक, आयकर दाता, एक लाख से अधिक वार्षिक आय, चार पहिया निजी वाहन वाले अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से नाम पृथक कराने के लिए 31 अगस्त तक अंतिम अवसर दिया है।

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दौसा

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Santosh Trivedi

Aug 23, 2025

Food Security Scheme

खाद्य सुरक्षा योजना (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

खाद्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘गिव अप’ अभियान के तहत जिले में अब तक 3 हजार 314 परिवारों के 16 हजार 142 सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम स्वेच्छा से हटाया है तथा 670 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से अपात्र लोगों को 31 अगस्त तक इस योजना से स्वेच्छा से नाम हटवाने का मौका दिया गया है।

जिला रसद अधिकारी मोहनलाल देव ने बताया कि खाद्य विभाग ने ‘गिव अप’ अभियान के तहत सरकारी कार्मिक, आयकर दाता, एक लाख से अधिक वार्षिक आय, चार पहिया निजी वाहन वाले अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से नाम पृथक कराने के लिए 31 अगस्त तक अंतिम अवसर दिया है। जिसके तहत आवेदन प्रस्तुत कर अपना नाम एनएफएसए योजना से पृथक करवा सकते हैं। इसके उपरान्त भी अपात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम नहीं हटवाते हैं, तो वसूली संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि ‘गिवअप’ अभियान के तहत स्वेच्छा से नाम पृथक करने के लिए आवेदन प्राप्त होने पर जिले में अब तक 3 हजार 314 परिवारों के 16 हजार 142 सदस्यों का नाम इस योजना से हटाया गया है। साथ ही 670 परिवारों को अपात्र होने के बावजूद नाम नहीं हटवाने पर कार्यालय से नोटिस जारी किए गए हैं, जिनसे वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग से लिया जा रहा है डेटा

जिला रसद अधिकारी ने बताया कि अपात्र परिवारों की जांच कर चिह्नित करने के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। अब क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारी, निरीक्षक एवं उचित मूल्य दुकानदारों से समन्वय स्थापित कर सघन जांच की जा रही है।

खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया, निजी वाहन मालिकों का डेटा लेकर अपात्रों को चिन्हित करेगा। इसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी। खाद्य सुरक्षा सूची में से अपात्र परिवारों की सप्ताह में प्रत्येक कार्य दिवस को जांच रिपोर्ट जिला रसद कार्यालय एवं खाद्य विभाग को प्रेषित की जा रही है।