
अवैध खनन की बजरी से सरकारी निर्माण
दौसा. सर्वोच्च न्यायालय ने नदी-नालों से बजरी खनन पर प्रतिबन्ध लगा रखा है, लेकिन अवैध रूप से खनन की जा रही बजरी सरकारी महकमों के निर्माण कार्यों में धड़ल्ले से काम आ रही है। बिना बजरी के कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो सकता। इसके बावजूद धड़ल्ले से कार्यों की स्वीकृति जारी कर एजेंसियों एवं संवेदकों के माध्यम से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें चाहे सार्वजनिक निर्माण विभाग हो या फिर जल संसाधन विभाग व पंचायत राज विभाग समेत कई विभाग सीसी सड़क, भवन निर्माण एवं अन्य सरकारी कार्यों को करवा रहे हैं। पिछले महीने तो लालसोट में बजरी से ओवरलोड टै्रक्टर-ट्रॉली से एक ही परिवार के पांच जनों की मौत हो चुकी है।
बिना मिलीभगत के नहीं चल सकता है इतना बड़ा खेल
सवाईमाधोपुर जिले की बनास नदी से अभी भी धड़ल्ले से बजरी का खनन हो रहा है। वहां से खनन की गई बजरी के प्रतिदिन दौसा एवं उससे आगे भरतपुर एवं दिल्ली ओर बड़ी तादात में ट्रक एवं टै्रक्टर-ट्रॉलियों का संचालन होता है। चर्चा है कि बजरी के इस खेल में न केवल पुलिस बल्कि खनिज एवं परिवहन विभाग भी शामिल है। जगह- जगह पर दलाल सक्रिय है। यही नहीं जिले में भी सांवा व बाणगंगा नदी में भी धड़ल्ले से खनन हो रहा है। कई जगह तो पुलिस रात के समय में उगाही कर रही है। अब तो दिनदहाड़़़े ही नहीं चूक रही है। कुछ दिन पहले नांगलराजावतान थाने में एक सिपाही का फोटो सोशल मीडिया का वायरल हुआ था।
भाव हो रहे हैं दोगुने
जब बजरी खनन पर रोक नहीं थी, तब बजरी के भाव 50-60 रुपए प्रति क्विंटल थे और अब हो रहे हैं 100- 120 प्रति क्विंटल। जिन लोगों को दबाव में निर्माण कार्य करवाना होता है, उनको दोगुने भाव में भी बजरी खरीदनी पड़ रही है।
यहां देखी जा सकती है अल सुबह भीड़
बजरी से भरे वाहन अधिकांशत: मुख्य सड़़कों को छोड़ ग्रामीण सड़कों पर होकर निकलते हैं। सुबह-सुबह धर्मकांटों पर जाकर देखा जाए तो एक नहीं एक कांटे पर बजरी से भरे दर्जनों वाहन दिख जाएंगे।
सरकार को ही परवाह नहीं तो विभाग भी क्या करें
इस वर्ष जनप्रतिनिधि भी पिछले कई दिनों से करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली सड़कों व भवनों का शिलान्यास कर रहे हैं। जबकि
उनको भी यह पता है कि बजरी खनन पर न्यायालय ने कई महीनों पहले से पूर्णत: प्रतिबंध लगा रखा है। जिला मुख्यालय पर पशु चिकित्सा विभाग का कार्यालय, स्टेडियम में निर्माण कार्य, दौसा से लालसोट रोड के बीच मनोहरपुर हाइवे सीमेंटेड सहित कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें अवैध रूप से खनन की जा रही बजरी ही काम आ रही है। इस समय पंचायत राज विभाग भी ग्राम पंचायतों के सरपंचों पर योजनाओं के आवास सहित अन्य निर्माण कार्य शीघ्र कराने का दबाव बना रहे हैं।
बजरी खनन पर रोक तो है
नदियों आदि स्थानों पर तो बजरी खनन पर रोक है, लेकिन निर्माण कार्य तो रोडिय़ों की डस्ट से भी हो सकता है। कार्रवाई तो प्रशासन समय-समय पर करता ही है।
राजवीर सिंह चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा
कार्रवाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है
बजरी खनन व परिवहन पर रोक है। उनका विभाग कार्रवाई करता है, लेकिन उनके पास पुलिस की तरह जाप्ता नहीं है, ऐसे में कई बार कार्रवाई के दौरान दिक्कत आती है। बजरी का विकल्प पत्थर का बुरादा ही है।
मनोज शर्मा, सहायक अभियंता खनिज विभाग दौसा
Published on:
18 Jun 2018 08:39 am
