
सरकारी विद्यालयों में दिखाई देंगी हरियाली
बांदीकुई. अब छात्रों में पर्यावरण के प्रति समझ पैदा करने एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय वाटिका विकसित करने के साथ ही हरित विद्यालय पाठशाला योजना शुरू किए जाने की कवायद की जा रही है।
इससे अब राजकीय विद्यालयों में चारों ओर हरियाली दिखाई देगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ.आर वेंकटेश्वरन ने राज्य के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर कार्य योजना तैयार कर क्रियान्विति किए जाने के निर्देश दिए हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों के लगातार बढ़ते दोहन एवं वन क्षेत्रों की कमी के चलते बिगड़े पर्यावरण संतुलन को कम करना है। इससे छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता आने के साथ ही संरक्षण के महत्व को समझ सकेंगे। इसके तहत वातावरण को स्वच्छ बनाने, समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जोडऩे, पौधरोपण कर सार-संभाल करने एवं विद्यालय की सह शैक्षिक गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा को भी बढावा मिल सके।
ये गतिविधियां होंगी आयोजित
योजना के तहत विद्यालय परिसर, खेल मैदान एवं विद्यालय के 200 मीटर परिधी में पौधरोपण किया जाएगा। इसके अलावा गोष्ठी, निबंध, रोल प्ले, रैली एवं शैक्षिक भ्रमण भी कराया जाएगा। इसके लिए वाटिका क्लब व हरित विद्यालय क्लब गठित किया जाएगा। दो छात्र-छात्राएं एवं उनके शिक्षक पौधों को गोद लेकर सार-संभाल करेंगे। विद्यालय की एसएमसी/एसडीएमसी/पीटीए एवं पहले विद्यालय में अध्ययन कर चुके छात्रों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
ग्राम सभा में लेंगे प्रस्ताव
संस्था प्रधान पौधारोपण की मॉनिटरिंग करेंगे। इसके लिए ग्राम सभाओं की बैठकों में गड्ढे खोदने का प्रस्ताव लिया जाएगा। इसमें गुणवत्तायुक्त तीन फिट लम्बे पौधे लगाए जाएंगे। पौधे एवं औजारों की खरीद विद्यालय प्रशासन स्वैच्छिक अनुदान, अक्षय पेटिका एवं विकास कोष से खर्च कर सकेगा। इसके लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पंचायत शिक्षा अधिकारी से फीडबैक लेकर वृक्षारोपण के लिए मनरेगा में प्रस्ताव लेकर विकास अधिकारी से स्वीकृति जारी करने की जिम्मेदारी निभाएगा।
प्रत्येक माह होंगी गतिविधियां
विद्यालय वाटिका एवं हरित विद्यालय योजना अप्रेल से शुरू होगी। एसएमसी की बैठक कर वृक्षारोपण पर चर्चा एवं पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड एवं चारदीवारी का निर्माण कराए जाने पर कार्य योजना बनाई जाएगी। मई में छात्र व अध्यापकों द्वारा प्रभातफेरी व रैली का आयोजन, विद्यालय वाटिका क्लब व पर्यावरण संरक्षण क्लब का कक्षावार गठन, वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य निर्धारण व पानी की व्यवस्था, विद्यालय का नजरी नक्शा बनाया जाएगा।
इसी कड़ी में 25 जून तक वृक्षारोपण के लिए गडडे खुदवाकर 10 जुलाई तक बारिश के अनुसार पौधरोपण किया जाएगा। कक्षावार विद्यार्थी समूह पौधे गोद देकर उनका संरक्षण करेंगे। शिक्षक समूह का प्रभारी होगा। विद्यालय का एक शिक्षक वृक्षारोपण प्रभारी बनाया जाएगा। विद्यालय में अनुपयोगी पानी को पौधों के लिए उपयोगी बनाकर विद्यालय वाटिका एवं किचन गार्डन का निर्माण किया जाएगा। जबकि अगस्त माह में पौधों का नाम व बायोलोजिकल नाम का टैग बनाकर पौधों के पास लगाया जाएगा।
सितम्बर में ओजोन परत दिवस पर प्रतियोगिताएं होगी। अक्टूबर में लगाए गए पौधों में से मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे। नवम्बर में विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और श्रेष्ठ कार्य करने वाले विद्यालय का भ्रमण, रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिता होगी। दिसम्बर माह में शीतकालीन समय में पौधों की सार-संभाल के लिए विशेष कार्यदलों का गठन एवं गणतंत्र दिवस पर वृक्षारोपण में श्रेष्ठ कार्य करने वाले विद्यार्थी, शिक्षक, एसमएसी, एसडीएमसी सदस्य एवं भामाशाहों को सम्मानित किया जाएगा। फरवरी माह में निष्पादन समिति वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करेगी एवं मार्च माह में हरित पाठशाला कार्यक्रम प्रपत्र भकर भरकर पोर्टल पर सूचना ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।
आमजन में आएंगी जागरुकता
योजना के संचालित किए जाने से घटते वन क्षेत्र एवं अवैध खनन से होने वाले नुकसानों को लेकर आमजन में जागरुकता आ सकेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सकेगा और विद्यालय में भी पेड़-पौधे लगने व हरियाली बढऩे से सौन्दर्यकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए हाल ही में आदेश मिले हैं। इसके लिए सभी संस्था प्रधानों को योजना की पालना किए जाने के आदेश जारी किए जाएंगे।
सम्पतराम मीणा, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बांदीकुई
Published on:
26 Feb 2019 08:28 am
