
शहर की आधी कॉलोनियों में भी नहीं पहुंच पा रहा पानी
दौसा. जिला मुख्यालय पर पानी की कई वर्षों से किल्लत मची हुई है। शहर की करीब पांच दर्जन कॉलोनियों में विभाग ने भी पाइप लाइन ही नहीं बिछाई है। जिन कॉलोनियों में पाइप लाइन बिछी हुई, उनमें भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। जिला मुख्यालय पर करीब छोटी-बड़ी करीब सवा सौ कॉलोनियां है। लेकिन शहर में जो नई कॉलोनियां है, उनमें विभाग ने पाइप लाइन ही नहीं बिछा रखी है। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन कॉलोनियों के लोग अपने स्तर पर ही पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। जिन कॉलोनियों में पाइप लाइनें नहीं है, वहां पर लोगों ने अपने मकानों में टैंक बनवा रखे हैं। अधिकांश के मकानों में स्वयं के बोरवेल है। पीने के लिए फिर भी उनको कैम्परों या टैंकरों का पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
Half of the city's colonies are unable to reach water
मिलती ही नहीं है पाइप लाइनें
जिला मुख्यालय पर करीब चालीस वर्ष पहले पाइप लाइनें बिछाई थी। इसके बाद कई नई कॉलोनियों में भी पाइप लाइनें बिछाई गई। अब कॉलोनियों में पानी के नलों में पानी की सप्लाई बंद हो जाती है तो जब अभियंता इनमें खुदाई कर मरम्मत कराते हैं तो उनको भी आसानी से इन पाइप लाइनों को पता ही नहीं चलता है। लोगों का कहना है कि एक-एक स्थान पर चार- चार पाइप ऊपर नीचे बिछे हुए हैं। ऐसे में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
फिर भी बीसलपुर के पानी से चल रहा है काम
जिला मुख्यालय पर करीब चालीस लाख लीटर पानी की प्रतिदिन सप्लाई हो रही है, उसमें करीब 20 लाख लीटर पानी प्रतिदिन बीसलपुर से ही मिल रहा है। शेष पानी बाणगंगा व होदायली के नलकूपों से मिल रहा है। यदि यहां बीसलपुर का पानी नहीं आता तो हालात बेकाबू हो जाते।
कई कॉलोनियों में हो रही है पाइप लाइन बंद
जिला मुख्यालय पर कई कॉलोनियों में पाइप लाइनें बिछी हुई है, लेकिन विभाग की लापरवाही से पाइप लाइनों में कई वर्षों से नलों का पानी ही नहीं आ रहा है। इससे पेयजल के हालात ही खराब हो रहे हैं। उदाहरणार्थ रेलवे स्टेशन के समीप प्रेमनगर में भी पाइप लाइन बिछी हुई है, लेकिन यहां पानी नहीं आ रहा है।
Half of the city's colonies are unable to reach water
Published on:
21 Mar 2020 08:41 am
