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आधी आबादी ने नहीं दिखाई विधायकी में रुचि

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rajasthan ka ran

आधी आबादी ने नहीं दिखाई विधायकी में रुचि

दौसा. जिले में विधानसभा चुनाव के लिए महिलाओं ने रुचि नहीं दिखाई है। जिले की पांचों सीटों पर 80 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें मात्र 6 ही महिलाओं ने नामांकन किए, लेकिन तीन ने अपने नामांकन वापस ले लिए। अब मैदान में मात्र तीन रह गई हैं। इससे जाहिर होता है कि आधी आबादी की राजनीति में दिलचस्पी कम है।


भले ही पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान व जिला परिषद जैसे कई पदों पर महिलाओं का बोलबाला है, लेकिन विधानसभा चुनाव में दौसा जिले की महिलाओं ने रुचि नहीं दिखाई। खास बात यह है कि पंचायत राज व नगर निकायों में भले ही महिलाएं निर्वाचित हैं, लेकिन अधिकांश का कामकाज उनके पुरुष रिश्तेदार ही सम्भाल रहे हैं।


इन्होंने किए थे नामांकन


दौसा विधानसभा सीट पर एक मात्र महिला ने नामांकन दाखिल किया है, वह भी वर्तमान विधायक शंकर लाल शर्मा की पत्नी आशा शर्मा थी। बांदीकुई में भी दो महिला प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे, उनमें एक विमला देवी मीना व सैलजा सिकरवार थी। महुवा में ममता कुमारी ने नामांकन दाखिल किया था। इसी प्रकार सिकराय में कांग्रेस से ममता भूपेश व भारत वाहिनी पार्टी से गीता वर्मा ने नामांकन दाखिल किया। लालसोट विधानसभा सीट पर तो एक भी महिला ने नामांकन दाखिल नहीं किया। दौसा से आशा शर्मा, विमला देवी मीना व ममता कुमारी ने अपने नाम वापस ले लिए।


सिकराय से ही उम्मीद


जिले में सिकराय विधानसभा क्षेत्र से ही दो महिलाओं को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यहां कांग्रेस ने ममता भूपेश को प्रत्याशी बनाया है। वहीं वर्तमान विधायक गीता वर्मा भी भारत वाहिनी पार्टी से मैदान में हैं। ऐसे में महिलाओं की उम्मीद सिकराय से ही है। हालांकि बांदीकुई से निर्दलीय शैलजा सिकरवाल भी मैदान में डटी हुई हंै।


महिलाओं को आरक्षण मिले तो बढ़े संख्या


महिलाओं की विधानसभा में कम संख्या होने के पीछे सबसे बड़ा कारण महिलाओं का विधानसभा सीटों पर आरक्षण नहीं होना है। सरकार ने पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद, प्रधान व जिला प्रमुख, नगर निकाय में पार्षद व अध्यक्ष पर सीटें महिलाओं के लिए आरक्षण से आवंटित की जा रही हैं, लेकिन विधानसभा व लोकसभा में यह व्यवस्था नहीं की है।


प्रदेशभर की स्थिति ही ठीक नहीं
न केवल दौसा बल्कि पूरे राज्य की स्थिति ही खराब है। प्रदेश में इस चुनावी समर में करीब 2294 प्रत्याशी मैदान में है, इनमें से मात्र 165 महिला ही प्रत्याशी ही मैदान में हैं।